अगर गोरखपुर में हुई हार तो योगी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, यूपी में हो सकता है बड़ा बदलाव

अगर गोरखपुर में हुई हार तो योगी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, यूपी में हो सकता है बड़ा बदलाव

Ashish Kumar Pandey | Publish: Mar, 14 2018 03:31:46 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

सपा और बसपा योगी और भाजपा पर 2019 पड़ सकते हैं भारी।

लखनऊ. गोरखपुर उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी उपेंद्र दत्त शुक्ला सपा प्रत्याशी से पीछे चल रहे हैं। ऐसे में अगर इस सीट पर उपेंद्र दत्त शुक्ला की हार होती है तो यह हार केवल उनकी ही नहीं होगी बल्कि सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा की हार होगी। इससे आने वाले लोकसभा चुनाव पर तो असर दिखेगा ही वहीं योगी के विरोधी काफी सक्रिय हो जाएंगे। वहीं सपा और बसपा यूपी की भाजपा सरकार पर काफी आक्रामक रूख में नजर आएंगी। वहीं भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव कर सकती है।

ये हो सकता है भाजपा की हार का कारण

गोरखपुर सदर सीट पर हुए उप चुनाव में मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाई। इस सीट पर केवल ४७ प्रतिशत वोट पढ़े। इतना कम वोट पडऩे के बाद से ही ऐसी संभावनाएं लगाई जा रही हैं कि भाजपा के लिए यहां से इस बार जीत आसान नहीं होगी। कम वोट का प्रतिशत भी भाजपा के लिए ङ्क्षचता का कारण हो सकता है और भाजपा यहां से हार सकती है।

ब्राह्मणों की नाराजगी का भी दिख रहा है असर
गोरखपुर सदर सीट पर ब्राह्मण मतदाता भी काफी तादात में हैं। ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या दो लाख पांच हजार है। इनकी नाराजगी का भी भाजपा प्रत्याशी को खामियाजा भुगतना पड़ सकती हैं। हालांकि भाजपा ने ब्राह्मणों की नाराजगी को दूर करने के लिए यहां से ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा लेकिन वोट का प्रतिशत कम होना इस बात की ओर संकेत कर रहा है कि कहीं न कहीं ब्राह्मण वोट उस अनुमान के अनुसार पोल नहीं हुआ जितना था या ब्राह्मण मतदाता हो सकता हो की वोटिंग के दिन कम ही निकला हो।

2019 में दिखेगा इसका असर

उप चुनाव में भाजपा की हार होती है तो उसका असर 2019 के लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा। अगर सपा-बसपा ने लोकसभा चुनाव में गठबंधन कर लिया तो भाजपा की राह आसान नहीं होगी। उप चुनाव में सपा ने फूलपुर और गोरखपुर से अपना प्रत्याशी उतारा था और वहीं बीएसपी ने सपा का समर्थन किया था। अब 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा अगर गठबंधन कर लेते हैं तो मोदी और भाजपा के लिए जीत काफी मुश्किल हो सकती है।

विरोधियों को मिला मौका
अगर भाजपा की हार होती है तो विरोधी दलों का योगी पर हमला तेज हो जाएगा वहीं पार्टी में योगी के विरोधी भी काफी मुखर हो सकते हैं। वहीं उप चुनाव में सपा की जीत होती है तो सपा और बसपा दोनों भाजपा और योगी पर हमलावर तेवर में आने वाले दिनों में नजर आएंगे।

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