यूरिया खाद, नींद की गोली से खुले आम बन रही है अवैध शराब

यूरिया खाद, नींद की गोली से खुले आम बन रही है अवैध शराब

Anil Ankur | Publish: Feb, 10 2019 12:27:27 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

अधिकारियों को पता है पर चुप्पी साधे बैठे हैं

 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भले ही 81 लोगों की अवैध शराब के सेवन से बीते दिनो मौत हो गई हो, पर कच्ची शराब बनाने का अवैध धंधा बदस्तूर जारी है। शराब बनाने वाले जानते हैं कि कच्चा माल' कहां मिलेगा। हालांकि यह सच्चाई आबकारी विभाग के लोगों को नहीं पता। वे इस प्रकरण में अज्ञानी बने रहते हैं।

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन इंजेक्शन तक का इस्तेमाल

सस्ती अवैध शराब बनाने का कारोबार यूपी की राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में फलफूल रहा है। कच्ची शराब के कारोबारी नशा बढ़ाने के लिए इसमें ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से लेकर यूरिया, नींद की गोलियां तक मिला रहे हैं। 2015 में मलिहाबाद के दतली समेत आसपास के गांवों में जहरीली शराब से 54 लोगों की मौत हो गई थी। 120 से अधिक की आंखें चली गईं या किसी अन्य गंभीर विकार की चपेट में आ गए।

यूरिया और नशीली दवाओं से बन रही है कच्ची शराब
अवैध शराब के एक कारोबारी के मुताबिक कच्ची शराब को अधिक नशीला बनाने के लिए उसमें यूरिया व डाई खाद, सस्ती नींद की गोलियां व दुधारू पशुओं को लगाया जाने वाला प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन तक मिलाया जाता है। इनमें से अधिकांश दवाएं जान लेवा हो सकती हैं।

राजधानी में पनप रहा है अवैध शराब का धंधा
पुलिस ने आशियाना में 65 लीटर शराब बरामद की और छह लोगों को पकड़ा था। पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि इंस्पेक्टर बृजेश सिंह ने बताया कि थाने की टीम ने कच्ची शराब के लिए विख्यात उसरी गांव में छापामारी की और शराब बनाने वालों व शराब बनाने के संयंत्रों को बरामद किया है।

राजधानी लखनऊ से सटे कस्बे माल मलिहाबाद क्षेत्र में कच्ची शराब के कारोबारियो पर आबकारी व माल पुलिस लगाम नही लगा पा रही जबकि माल थाने से पांच सौ मीटर की दूरी पर मौत का कारोबार फल फूल रहा है। इस गांव में दर्जनों भट्टियां आज भी धधक रही हैं। इलाकाई लोगों का कहना है कि इन अपराधियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है।

इसी प्रकार लखनऊ से नजदीक मोहनलालगंज क्षेत्र के गांव इंद्रजीत खेड़ा, गदियाना, हुलासखेड़ा, जबरौली, भदेसुवा समेत आधा दर्जन गांवो में अवैध शराब बनाई जा रही है। निगोहा में राती ,बेरीघाट, शिवपुरा सहित सई नदी के किनारे और मोहान रोड स्थित शाहदरा चौकी के पीछे अधिकतर घरों की महिलाएं व पुरुष अवैध शराब के धंधे में लिप्त है। पुलिस को जानकारी होने के बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं कर रही है। बंथरा व सरोजनीनगर इलाके में काफी अर्से से कच्ची शराब बनाने का अवैध कारोबार अब 'कुटीर धन्धे' में तब्दील होता जा रहा है। सरोजनीनगर के करीब एक दर्जन गांवों में कच्ची शराब बनाने का कारोबार हो रहा है। बंथराके गढ़ी-चुनौटी का मजरा दरियापुर लखनऊ सहित आसपास के जिलो में कच्ची शराब खूब बिक रही है।

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