मलिन बस्तियों में नाटकों के जरिये समझाया मास्क की जरूरत को, पढ़िए पूरी खबर

विनायकपुरम व इस्माइलगंज में स्वयंसेवी संस्था सीफॉर के तत्वावधान में लोक कलाकारों ने नाटक व जन गीत के जरिये लोगों को किया जागरूक

By: Ritesh Singh

Published: 11 Jan 2021, 07:18 PM IST

लखनऊ, जनपद की मलिन बस्ती विनायकपुरम और इस्माइलगंज में स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) के तत्वावधान में लोक कलाकारों ने सोमवार को नुक्कड़ नाटक व जन गीत प्रस्तुत किये । नाट्य प्रस्तुति व जन गीतों के माध्यम से लोगों को कोरोना से बचने के लिए बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के साथ ही अन्य बीमारियों से बचने के लिए सजग रहने का लोक कलाकारों ने बड़े ही सहज और सरल तरीके से सन्देश दिया । इस दौरान वहां बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं और बच्चों ने ताली बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उनके सुर से अपने सुर भी मिलाये ।

लोक कलाकारों ने अपनी नाट्य प्रस्तुति के जरिये कोरोना से बचने के लिए मास्क, एक दूसरे से दो गज की दूरी और हाथों की स्वच्छता का सन्देश दिया, साथ ही यह क्यों जरूरी है इस बारे में भी अलग-अलग किरदारों के माध्यम से बखूबी समझाया भी । इन जरूरी सावधानी को न बरतने से शरीर पर पड़ने वाले विपरीत प्रभाव पर भी रोशनी डाली । इसके अलावा अपने गीतों के जरिये मातृ-शिशु स्वास्थ्य और परिवार नियोजन की महत्ता को भी समझाने का प्रयास लोक कलाकारों ने किया । आशा कार्यकर्ता की भूमिका निभा रही कलाकार ने अपने किरदार के जरिये बखूबी समझाया कि वह कैसे लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित हो सकती है बशर्ते लोग उसकी सलाह का सही तरीके से पालन करें । इस अवसर पर उपस्थित लोगों में से जिन्होंने मास्क नहीं लगा रखा था, उन्होंने मास्क, रुमाल, गमछे या दुपट्टे से अपने मुंह व नाक को अच्छी तरह से ढक लिया ।

नाटक के माध्यम से यह भी बताया गया कि कोरोना की वैक्सीन लगने का सिलसिला 16 जनवरी से शुरू होने वाला है लेकिन अभी हमें कोरोना को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतनी है । इसीलिए बार-बार यह सन्देश हर स्तर पर दिया जा रहा है कि ‘दवाई भी-कड़ाई भी’ यानि अभी हमें खुद के साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए मास्क लगाना है और एक दूसरे से दो गज की दूरी का भी पालन करना है ।

इस दौरान लोक कलाकारों की बातों को बहुत ही गौर से सुन और देख रही इस्माइलगंज की राम प्यारी ने कहा कि आज इस नाटक को देखकर यह भलीभांति समझ में आ गया कि बगैर डाक्टर की सलाह के दवा का सेवन नहीं करना चाहिए, यह इतना नुकसानदायक हो सकता है इसका पता आज चल गया । अब कोशिश रहेगी कि सर्दी-जुकाम को भी सामान्य समझकर अपने आप से दवा लेकर सेवन करने की गलती नहीं करूंगी । शिवरानी ने कहा कि मास्क पहनना जरूरी है, यह बात तो सब बताते थे लेकिन मास्क किस तरह से कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों से हमारी सुरक्षा करता है, यह बात आज सही तरीके से समझ आई ।

इसी तरह वहां मौजूद कृष्णावती ने कहा कि आज नाटक देखकर पता चला कि सर्दी-खांसी व जुकाम-बुखार में हम अस्पताल न जाकर खुद से घर में रहकर इलाज करते हैं जो कि गलत है । अब वह ऐसा कदापि नहीं करेंगी और घर-परिवार वालों को भी चिकित्सक के परामर्श से ही इलाज की सलाह देंगी ।ज्ञात हो कि नाट्य संस्था ‘मंच दूतम’ ने इन कलाकारों को दो दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया है और किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष व कोरोना टास्क फ़ोर्स के सदस्य डॉ. सूर्यकान्त ने तकनीकी पहलू पर उन्मुखीकरण किया है । इन कलाकारों ने रविवार को जनपद के नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले और लोहिया पार्क में नाट्य प्रस्तुति कर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति खासकर कोरोना से सुरक्षित रहने के बारे में जागरूक करने का काम किया है ।

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