यहां मंत्री नंदी की मीटिंग में इस तरह नाक खुजाते हैं अफसर

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री ने स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की राजस्व समीक्षा की

 

Anil Ankur

September, 1311:33 AM

Lucknow, Uttar Pradesh, India

लखनऊ। प्रदेष के स्टाम्प एंव रजिस्टृषन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी विभाग की मीटिंग करते हैं तो विभागीय अधिकारी उनकी बातें सुनते सुनते इस तरह नाक खुजाने लगते हैं कि सब का ध्यान उन पर चला जाता है। ऐसा ही वाक्या मंत्री की बैठक में फिर हुआ, जिसे कैमरे ने कैद कर लिया।
मंत्री बोले षत प्रतिषत राजस्व वसूली हो

प्रदेश के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रदेश की उन्नति और विकास के लिए विभागीय राजस्व का शत्-प्रतिशत प्राप्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी पाक्षिक एवं एआईजी स्तर के अधिकारी साप्ताहिक समीक्षा करें, जिससे निर्धारित राजस्व के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद तथा गोरखपुर मंडल की वसूली बेहतर

नंदी ने यह विचार आईजी कैम्प कार्यालय, गोमतीनगर, लखनऊ में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की राजस्व समीक्षा के दौरान व्यक्त किए। ज्ञातव्य है कि इस वर्ष वार्षिक लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपए के सापेक्ष अप्रैल-अगस्त, 2018 तक 6,536.71 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया गया, जो कुल लक्ष्य का 36 प्रतिशत है। माह अगस्त में बेहतर प्रदर्शन करते वाले मण्डलों में लखनऊ, वाराणसी, इलाहाबाद तथा गोरखपुर शामिल हैं, जिन्होंने मासिक लक्ष्य के सापेक्ष 90-100 फीसदी राजस्व हासिल किया।

पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड में कम वसूली

उल्लेखनीय है कि अगस्त, 2018 तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सबसे कम क्रमिक राजस्व प्राप्त करने वाले जनपदों में हमीरपुर, सोनभद्र, महराजगंज, कौशाम्बी, जालौन, चित्रकूट, महोबा, श्रावस्ती एवं कुशीनगर शामिल हैं। यही नहीं, विभाग लम्बित वादों को भी जल्द खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है। अगस्त, 2018 तक पांच वर्ष से अधिक अवधि में कुल 568 वाद लम्बित हैं, जिनमें सबसे ज्यादा लम्बित वाद वाले जनपदों में जौनपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, बलिया, वाराणसी, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, गाजीपुर एवं आगरा शामिल हैं।

कम्प्यूटर पर दर्ज होंगे वसूली प्रमाण

नन्दी ने कहा कि वसूली प्रमाण-पत्र कम्प्यूटर पर दर्ज किए जाए और अधिकारी इसका निदान कर वसूली का क्रियान्वयन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को राजस्व देने के मामले में वाणिज्यकर व आबकारी के बाद स्टाम्प विभाग आता है। मंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हम नम्बर दो के पायदान पर आ जायें, इसके लिए सक्रिय प्रयास किये जाएं।पावर ऑफ अटॉर्नी को लेकर नन्दी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी पूरी वैधता की जांच करने के बाद ही उप-निबंधक रजिस्ट्री की कार्रवाई करें। गौरतलब है कि लोग फर्जी तरीके से पावर ऑफ अटॉर्नी बना लेते हैं और अपने खाते में पैसा ले लेते हैं।

Anil Ankur
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