प्याज के बाद टमाटर और लहसुन के दाम ने तोड़ा महंगाई का रिकार्ड, पहली बार इस स्तर तक पहुंचा दाम

- प्याज-टमाटर के बाद इस सब्जी ने तोड़ा महंगाई का रिकार्ड

- बारिश व बाढ़ के कारण खराब हुए सब्जियों के स्टॉक

- बर्बाद माल के एवज में भी दामों में बढ़ोतरी

लखनऊ. बढ़ती महंगाई का असर सब्जियों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। आलम ये है कि लगभग हर सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। हालांकि, सरकार द्वारा नियंत्रण लगाने के बाद प्याज के दाम स्थिर हैं मगर महंगाई अब भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। अब लहसुन (Garlic) के दाम गले का फांस बनता जा रहा है। लखनऊ में लहसुन का भाव 200-250 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, फुटकर मंडी में टमाटर (Tomato)की कीमत 80 रुपये तक पहुंच गई है।

थोक मंडी के आढ़ती शाहनवाज हुसैन के मुताबिक, बारिश और बाढ़ की वजह से फसल लेट है। ऐसे में माल भी बड़ी मात्रा में बर्बाद हुए हैं। बर्बाद माल के एवज में भी दामों में बढ़ोतरी की गई है। थोक मंडी के आढ़ती बताते हैं कि मंडी में मार्केट में बिकने वाले अच्छी क्वालिटी के टमाटर की कीमत 950 रुपये प्रति कैरट है। वहीं, लहसुन 150 रुपये किग्रा. की दर से बिक रहा है। रकाबगंज सब्जी विक्रेता कल्याण समिति के मो. मुशीर राइनी के मुताबिक टमाटर का भाव अचानक चढ़ा है। अलग-अलग फुटकर मंडियों में 60 से 80 रुपये तक है। होलसेल मार्केट में दाम में बदलाव नहीं आया है लेकिन रिटेल दामों में आग लगी हुई है।

पिछले साल के मुकाबले बढ़ा लहसुन का प्रोडक्शन

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2018-19 में 28.36 लाख टन लहसुन का प्रोडक्शन हुआ। 2017-18 में 16.11 लाख टन लहसुन का प्रोडक्शन हुआ था। इस तरह लहसुन के प्रोडक्शन में 76 फीसदी इजाफा हुआ है। इसके बावजूद लहसुन के दाम चीते की रफ्तार से भाग रहे हैं।

बारिश से खराब हुआ स्टॉक

बारिश से जुड़े कारोबारियों ने बारिश को लहसुन के खराब स्टॉक का कारण बताया है। इस वजह से लहसुन की सप्लाई सही तरीके से नहीं हो पा रही। यही कारण है कि लहसुन के दाम आसमान छू रहे हैं।

दाम पहले और अब

भाव थोक मंडी

टमाटर-600-950 कैरेट (25 किलो)

लहसुन-150 से 180 रुपये प्रति किलो

रेट फुटकर मंडी

टमाटर- 60 से 80 रुपये प्रति किलो

लहसुन- 60 से 70 रुपये प्रति पाव

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Karishma Lalwani
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