खाने पर महंगाई की मार, 20 रुपये से महंगा हुआ तेल, दाल और सब्जियों की कीमत में भी जबरदस्त उछाल

लॉकडाउन (Lockdown) ने एक ओर व्यापारियों का धंधा चौपट किया तो वहीं मध्य वर्गीय और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी है। इम्युनिटी पर जोर देने की बात हो रही है लेकिन प्रोटीन युक्त चीजों के दाम बढ़ जाने से आण आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है।

By: Karishma Lalwani

Updated: 24 Jun 2020, 10:21 AM IST

लखनऊ. लॉकडाउन (Lockdown) ने एक ओर व्यापारियों का धंधा चौपट किया तो वहीं मध्य वर्गीय और गरीबी रेखा से नीचे रह रहे लोगों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी है। सबसे ज्यादा असर व्यापार पर पड़ा है फिर चाहे वह कोई बड़ा बिजनेस हो या फिर सब्जी बेचने का काम हो। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर्स और सरकारें इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। खाने में प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करने की सलाह दी जा रही है। लेकिन जब खाने पर ही महंगाई (Recession) की मार पड़ गई हो तो लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि जेब पर बढ़ते बोझ को देखें या इम्युनिटी को।

लॉकडाउन के कारण कमाई प्रभावित हुई है और अब दाल व सब्जियों के बढ़ते दाम आम आदमी की जेब पर बोझ बन कर उभरे हैं। दाल आठ रुपये तक महंगी हो गई है। तेल बी 20 रुपये से महंगा हो गया है। इसी तरह दूसरे खाद्य सामग्रियों के दाम भी बढ़ गए हैं। लखनऊ स्थित निशातगंज के किराना कारोबारी अर्चित अग्रवाल और राजाजीपुरम के पवन गुप्ता बताते हैं कि सरसों का जो तेल 108 रुपये में खरीदते थे, अब 128 रुपये प्रति लीटर हो गया है। फुटकर बाजार में 130 रुपये में बिक रहा है। वहीं, 36 रुपये किलो में बिकने वाली चीनी 39 रुपये किलो बिक रही है।

8 रुपये महंगी हुई दाल

दाल की कीमतों में आठ रुपये का उछाल हुआ है। अरहर दाल की कीमत आठ रुपये बढ़ गई है। अरहर पुखराज 90 से 95 रुपये प्रति किलो हो गई है। दूसरे अच्छे ब्रांड की दाल 96 से 104 रुपये किलो हो गई है। ऑनलाइन कंपनियां अरहर दाल 104 से 176 रुपये किलो तक बेच रही हैं। फुटकर बाजार में दाल की कीमत में 10-12 फीसदी का अंतर है इसी तरह सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। टमाटर, आलू, प्याज, शिमला मिर्च, परवल के दाम भी बढ़े सब्जियों के भाव भी बढ़ने लगे हैं। कभी 20 रुपये में बिकने वाला टमाटर अब 30 से 40 रुपये किलो हो गया है। आलू के दाम में दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह 25 से 30 रुपये किलो बिक रहा है। शिमला मिर्च 60-80 रुपये और परवल 60 रुपये किलो बिक रहा है। अदरक 100 से 120 रुपये किलो हो गई है। भूतनाथ के सब्जी विक्रेता रमेश का कहना है कि कुछ सब्जियां गर्मी के कारण तो कुछ बरसात के कारण महंगी होने लगी हैं। ग्राहक पहले की तुलना में अब जेब कटौती कर छांट कर ही सब्जियां खरीदते हैं। बार-बार बाहर न निकलना पड़े इसके लिए हफ्ते भर या 10 दिन का सामान एक साथ ही ले जाते हैं।

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