इकबाल अंसारी को न्यौते का इंतजार, आडवाणी-जोशी से ट्रस्ट की अपील वीडियो कांफ्रेसिंग से देखेें भूमि पूजन

भव्य राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में 200 लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। इनमें से अधिकतर की स्वीकृति आ चुकी है। सबसे ज्यादा असमंजस वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नामों को लेकर है।

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अयोध्या. बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी को 5 अगस्त के राम मंदिर निर्माण भूमि पूजन में शामिल होने के लिए न्योते का इंतजार है। रविवार तक उन्हें पूजन में शािमल होने का न्योता नहीं मिला था। वहीं तमाम ऐसे अति विशिष्ट लोग हैं जिन्हें राममंदिर ट्रस्ट ने न्योता तो दिया है लेकिन उनकी भौतिक उपस्थिति नहीं चाहता। रविवार को दिन भर ट्रस्ट के कार्यालय में आमंत्रितों को लेकर माथा पच्ची होती रही। रामलला परिसर अब एसपीजी के कब्जे में है। लिस्ट एसपीजी के साथ भी साझा गयी। फिलहाल, सख्त कोराना प्रोटोकॉल की वजह से 170-180 विशिष्ट हस्तियों को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भूमि पूजन में बुलाने की योजना पर मंथन चल रहा है।

10 के आने में संशय

भव्य राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में 200 लोगों को निमंत्रण भेजा गया है। इनमें से अधिकतर की स्वीकृति आ चुकी है। सबसे ज्यादा असमंजस वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी के नामों को लेकर है। दोनों ही नेता वयोवृद्ध हैं। कोरोना संक्रमण की वजह से इनके शामिल होने पर खतरा ज्यादा है। इसलिए जल्द ही ट्रस्ट के पदाधिकारी इन नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर कार्यक्रम में शामिल होने के बजाय वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल होने की अपील करेंगे। सूत्रों के मुताबिक ऐसे 10 बड़े नामों की सूची को अंतिम रूप दिया गया जो अयोध्या तो नहीं आ रहे, लेकिन उनको वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भूमि पूजन का का कार्यक्रम दिखाया जाएगा।

मंच के लिए नाम तय

भूमि पूजन कार्यक्रम में कोविड-19 के सख्त प्रोटोकॉल के पालन करने के निर्देश पीएमओ से हैं। इसलिए रविवार को एक बार फिर पीएम के साथ मंच साझा करने वाले नामों पर चर्चा हुई। माना जाता है कि मंच पर पीएम मोदी को मिलाकर कुल पांच लोग ही उपस्थित रहेंगे। पीएम मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के अलावा किसी एक या दो और संत को मंच पर बुलाया जा सकता है।

उमा-ऋतंभरा ने मांगी तीन दिन पूजा की अनुमति

बताया जा रहा है ट्रस्ट से साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती ने तीन दिन पूजा किए जाने की अनुमति मांगी है। तीन दिनों की लगातार रामजन्मभूमि में पूजा करने की अनुमति देने पर ट्रस्ट विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि इन्हें अनुमति दी गयी तो अन्य साधु संतों को भी इस तरह की सहूलियत देनी पड़ेगी।

इनका आना तय

भूमि पूजन कार्यक्रम में अवधेशानंद सरस्वती, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, रामभद्राचार्य, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, कल्याण सिंह और विनय कटियार के आने की पुष्टि हो चुकी है। राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के पास 208 लोगों की लिस्ट है। 4 अगस्त इस लिस्ट को और भी छोटा किया जाएगा। अंतत: 170 से 180 लोग को ही आने कीउ अनुमति मिलेगी। लिस्ट में आरएसएस के शीर्ष 11 नेता शामिल हैं। जिनमें मोहन भागवत, भैयाजी जोशी्र कृष्ण गोपाल, दत्तात्रेय होसबोले और लखनऊ के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार शामिल हैं।

कोई भी केंद्रीय मंत्री शामिल नहीं होगा

पूजन में शामिल होने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कुछ प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को भी निमंत्रण भेजा गया है। लेकिन अब माना जा रहा है कि कार्यक्रम में कोई केंद्रीय मंत्री शामिल नहीं होगा।

सांप्रदायिक सौहार्द को लग सकता है झटका

राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम को सांप्रदायिक सौहार्द के रूप में प्रचारित किए जाने की ट्रस्ट की योजना पर कुछ संतों ने एतराज जताया है। इसलिए अभी बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर अहमद फारुखी और अयोध्या निवासी पद्मश्री मोहम्मद शरीफ के नामों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। रविवार को इकबाल अंसारी ने कहा कि अभी तक मुझे कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता नहीं मिला है। यदि मुझे बुलाया जाएगा तो मैं जरूर जाऊंगा।

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नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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