इकबाल अंसारी का बड़ा बयान, बाबर के नाम पर नहीं बनेगी मस्जिद, केवल बनेगा यह

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ भूमि दिए जाने के आदेश के बाद जिला प्रशासन भूमि की तलाश कर रहा है।

अयोध्या. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ भूमि दिए जाने के आदेश के बाद जिला प्रशासन भूमि की तलाश कर रहा है। वहीं बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने अपने आवास के सामने की भूमि को दिए जाने की मांग की है। यहीं नहीं इकबाल अंसारी ने यह भी स्पष्ट कहा है कि उसपर बाबर के नाम से मस्जिद नहीं बनाई जाएगी बल्कि महिला हॉस्पिटल व बच्चों के लिए स्कूल खुलेंगे।

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कब्जेदारी का चल रहा विवाद-
दरअसल मंदिर-मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चले लगातार चली सुनवाई के बाद आए फैसले में मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में ही 5 एकड़ भूमि दिए जाने का फैसला दिया गया था। इस फैसले के बाद जिला प्रशासन ने अयोध्या में भूमि तलाशने का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं इकबाल अंसारी अपने आवास के सामने पड़ी भूमि को दिए जाने की मांग कर रहे हैं जिस पर वह महिला अस्पताल व स्कूल बनवाना चाहते हैं, लेकिन यह भूमि हनुमान गढ़ी की बताई जा रही है। जिस पर कब्जेदारी को लेकर विवाद जारी है।

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बाबर का नाम छोड़ दीजिए, बहुत से नाम है- अंसारी

इकबाल अंसारी ने 5 एकड़ भूमि दिए जाने को लेकर कहा कि मेरे घर के सामने जमीन दी जाए, बगल में हमारे बिजली सईद का मकबरा भी है, मस्जिद भी है।उस पर बाबर के नाम पर कुछ नहीं बनाएंगे। हम वहां एक महिला हॉस्पिटल बनाएंगे और एक स्कूल बनाएंगे। इससे पूरे हिंदुस्तान में अमन-चैन का वातावरण रहेगा। पूरी दुनिया भी हमारी बातों का सम्मान करेगी। अगर सरकार हमारे घर के सामने जमीन देती है, तो पूरा हिंदुस्तान इस बात को मानेगा कि वहां स्कूल भी बने और एक महिला हॉस्पिटल भी। सरकार यहां आकर इस जमीन को देखे और चिन्हित करें। उस जमीन को तो पूरी दुनिया का निजाम शांतिपूर्वक चल रहा है और चलेगा। उन्होंने आगे कहा कि बाबर का नाम छोड़ दीजिए। बहुत से नाम है। पहले हमें जमीन दें। हम ऐसा नाम रखेंगे जो पूरे देश दुनिया को पसंद आएगा।

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Abhishek Gupta
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