श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में उमडे लोग

श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में उमडे लोग

Ritesh Singh | Updated: 11 Jul 2019, 06:27:44 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

मनुष्य का सच्चा मित्र उनका गुरु होता है- मुनिश्री विशोक सागर

लखनऊ। चारबाग दिगंबर जैन मंदिर ले चल रहे श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में गुरुवार को भक्तों ने पूरे भक्तिभाव से प्रभु की आराधना की। विधान के अंदर आज के दिन 64 अर्घ चढ़ाये गये। यह 64 अर्घ 64 ऋदधियो के प्रतीक होते हैं 64 ऋदधिया संसार में केवल तीर्थंकरों को होती है। मुनि विशोक सागर महाराज ने कहा कि भक्ति भाव से सिद्धचक्र विधान मंडल का विधान करने से सभी रोगों का नाश हो जाता है समस्त मनोकामना पूर्ण होती है। आज की पूजा में शांतिधारा आदेश जैन, अहिमिन्द्र जैन व राजीव जैन ने की। पाद प्रक्षालन विजय कुमार जैन, दीप प्रज्वलन निर्मल जैन, मंगलाचरण भोपाल के संजय ने किया।

बाद में मुनि श्री ने प्रवचन में कहा कि मनुष्य का सच्चा मित्र उनका गुरु होता है। गुरु की महिमा का बखान करते हुये मुनिश्री ने कहा कि अगर कोई रास्ता भटक भी जाए तो गुरु ही धर्म के रास्ते पर लाकर इंसान को सच्ची मित्रता का परिचय देते हैं। महाराज जी ने कहा कि आज के युग में सच्चा मित्र मिलना दुर्लभ होता है।

संयोजक संजीव जैन ने बताया कि 16 जुलाई तक मुनिश्री के सानिध्य में विधान सुबह 6 से 10 बजे तक चलेगा। जिसमें ज्ञान की वर्षा होगी। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को चातुर्मास स्थापना होगी। इस मौके पर आनन्द जैन, रितेश जैन, विकास जैन, पीयूष जैन, शोभा जैन, माया जैन, अर्पणा जैन मौजूद रहे।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned