खतरे में आजम खान की सांसदी, जया प्रदा ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

खतरे में आजम खान की सांसदी, जया प्रदा ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका

Nitin Srivastva | Updated: 14 Jun 2019, 12:11:17 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- जया प्रदा ने हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में दाखिल की याचिका

- रामपुर लोकसभा चुनाव को निरस्त किए जाने की मांग

- आजम खान पर एक साथ दो पदों पर रहने का आरोप

लखनऊ. जयाप्रदा ने रामपुर लोकसभा सीट से नवनिर्वाचित सांसद आजम खान की सांसदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में समाजवादी पार्टी के वरिष्ट नेता और सांसद मोहम्मद आजम खान के रामपुर लोकसभा चुनाव को निरस्त किए जाने की मांग वाली एक याचिका फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा ने दाखिल की है। सूत्रों के मुताबिक 15 जून इस मामले में सुनवाई हो सकती है। इसको लेकर अमर सिंह ने भी जयप्रदा के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी।


एक साथ लाभ के दो पदों पर रहने का आरोप

रामपुर से सांसद का चुनाव जीते आजम खान के चुनाव को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका में कहा गया है कि वह जौहर विश्विद्यालय के कुलपति हैं। इस आधार पर यह लाभ के दो पदों पर कैसे रह सकते हैं। अमर सिंह ने भी आजम खान पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा था कि वह जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में लाभ के पद पर हैं। इस पद पर रहते हुए वह पहले विधायक और अब सांसद बन गए हैं, जो नियमों के विपरीत है। इसको लेकर उन्हें काेर्ट का एक नोटिस भी जारी हो चुका है। उन्होंने कहा कि आजम खां की सदस्यता को रद्द करते हुए और चुनावी खर्च से बचते हुए दोबारा चुनाव न कराकर 2019 के लोकसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रही जयाप्रदा को सांसद बनाने की मांग की जाएगी। साथ ही सपा सरकार में जौहर विश्वविद्यालय के नाम पर जमा की गई अकूत संपत्ति की भी जांच करने की मांग की जाएगी।


आजम खान ने धोखे में रखा

आपको बता दें कि फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा भी आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़ी थीं, लेकिन वह हार गईं। सपा नेता रह चुके अमर सिंह (जो वकील भी हैं) भी अधिवक्ता अशोक पांडे के साथ वकील के रूप में इस केस में हैं। जया प्रदा ने कहा था कि आजम खान ने 2 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए नॉमिनेशन दाखिल किया था। उस समय आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के कुलापति थे यानी लाभ के पद पर थे। यह अनुच्छेद 102(1) ए और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन (section) 9(ए) के अलावा संविधान के अनुच्छेद 191(1)ए का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि आजम खान ने रामपुर की जनता और चुनाव आयोग को धोखे में रखा है। इस दौरान उन्होंने 2006 में सोनिया गांधी और जया बच्चन की सदस्यता खत्म होने का भी हवाला दिया था।

 

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