कानपुर बर्रा अपहरण कांड एवं हत्याकांड की होगी सीबीआई जांच, मुख्यमंत्री योगी ने की सिफारिश

यूपी पुलिस की नाकामी और उसकी मिलीभगत से परेशान संजीत यादव का परिवार कानपुर के शास्त्री चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठा

By: Mahendra Pratap

Published: 02 Aug 2020, 01:11 PM IST

कानपुर. कानपुर बर्रा अपहरण कांड में यूपी पुलिस पर सावालिया निशान लग रहे हैं। मृतक संजीत यादव का शव अभी तक पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। पुलिस की नाकामी और उसकी मिलीभगत से परेशान संजीत यादव का परिवार कानपुर के शास्त्री चौक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। मृतक के परिजन की सिर्फ एक ही मांग है कि जब तक इस अपहरण कांड का खुलासा नहीं हो जाता और उन्हें न्याय नहीं मिलता उनका धरना जारी रहेगा। परिजन लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लेते हुए आज कानपुर बर्रा अपहरण कांड की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हो गया था। इसके बाद से घरवाले लगाता जिला प्रशासन और योगी सरकार से गुहार लगाते रहे। मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने तेज कार्रवाई की। जिसके बाद पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए। उनके बताने पर कि संजीत यादव का कत्ल कर उसका शव पांडु नदी में फेंका दिया था। करीब एक सप्ताह गुजर गए हैं पर अभी तक संजीत का शव यूपी पुलिस को न मिल सका है।

इस प्रकरण में यूपी पुलिस के अफसरों पर अंगुलियां उठ रहीं है। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि कानपुर पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए फिर भी संजीत को छुड़ा नहीं सके। इससे नाराज सीएम योगी ने चार पुलिस अफसरों को निलम्बित कर दिया। इसके बाद कानपुर एसपी सीएम योगी की कार्रवाई के जद में आ गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव की बहन रूचि की मांग को स्वीकार करते हुए कि कानपुर बर्रा अपहरण कांड व हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है।

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