'ऑपरेशन शक्ति' के तहत महिलाओं की होगी सुरक्षा, चिन्हित स्थानों पर महिला पुलिसकर्मी होंगी तैनात

महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ऑपरेशन शक्ति अभियान शुरू किया है।

By: Karishma Lalwani

Updated: 29 Sep 2020, 03:25 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बीते कई दिनों में महिलाओं को लेकर अपराध बढ़े हैं। महिला संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए नई योजना तैयार की गई है। महिलाओं व बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को अब 'ऑपरेशन शक्ति' (Operation Shakti) के जरिये सजा दी जाएगी। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ऑपरेशन शक्ति अभियान शुरू किया है। सीएम योगी ने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को नियंत्रित करने के लिए ऑपरेशन शक्ति सक्रियता से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा के प्रति खतरा बने लोगों के प्रति कार्रवाई में पूरी तत्परता बरती जानी चाहिए।

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ऑपरेशन शक्ति का उद्देश्य

इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध को रोकना है। अभियान के माध्यम से गांव-गांव में पहुंचे पुलिसजन के माध्यम से गांव समाज को सक्रिय किया जाएगा। परेशान करने वाले और युवाओं की पहचान कर उन्हें समाज के साथ उन्मुख करना भी इस अभियान का उद्देश्य है। इसके अलावा विशेष अभियान चलाकर हर जिले में पॉस्को एक्ट के तहत सजा दी जाएगी और जनसाधारण साधारण में इसका व्यापक प्रचार व प्रसार भी किया जाएगा।

चिन्हित स्थानों पर महिला पुलिसकर्मी की तैनाती

ऑपरेशन शक्ति के तहत प्रमुख चौराहों, स्थानों, स्कूल/कॉलेज बस स्टॉप और क्राइम मैपिंग जैसे चिन्हित स्थानों पर महिला पुलिसकर्मी की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा क्राइम में पकड़े गए अभियुक्तों और उपद्रवियों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की जाएगी।

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शुरू होगी ऑनलाइन व्यवस्था, पहचान रहेगी गोपनीय

महिला संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई है। पीड़िता अब ऑनलाइस शिकायत कर सकती है। इसके लिए पीड़िता को डीसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमेन की सोशल मीडिया साइट (व्हाट्सएप व मेसेंजर) पर शिकायत दर्ज करानी होगी। डीसीपी उत्तरी व क्राइम अगेंस्ट वूमेन शालिनी के मुताबिक, इस प्लैटफॉर्म के जरिये डीसीपी क्राइम अगेंस्ट वूमेन सोशल मीडिया पर सुनवाई करेगी। सुनवाई 10 दिन के अंदर पूरी हो जाएगी। अगर किसी पीड़िता को पहचान सार्वजनिक होने का डर है, तो इससे घबराने की बात नहीं क्योंकि यहां तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस नए प्लेटफार्म का लाभ उन महिलाओं व युवतियों को मिलेगा जो डर के चलते महिला थाने और 1090 में शिकायत नहीं कर सकती हैं। ऐसी पीड़िताएं अब इस प्लैटफॉर्म पर शिकायत भेज सकती हैं। निस्तारण के लिए हर दसवें दिन डीसीपी खुद सोशल मीडिया पर एक घंटे लाइव रहेंगी। पीड़िता अपनी शिकायत का मैसेज भेज सकती हैं। इसके बाद डीसीपी उनसे बातचीत करेंगी।

निर्भया फंड से बनेंगे 75 पिंक बूथ

डीसीपी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से निर्भया फंड (Nirbhaya Fund) से 25 पिंक बूथ बन गए हैं। 75 और बनाए जाने हैं। वे भी जल्द बन जाएंगे। इसके अलावा महिला सुरक्षा के लिए 100 पिंक स्कूटी पर महिला कांस्टेबल और 10 चार पहिया वाहन पर पुलिसकर्मी महिला सुरक्षा में 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। स्कूल, कार्यालय, अस्पताल, ऑटो, सिटी बस, बाजार आदि पिरमुख क्षेत्रों पर महिलाओं से बदसुलूकी करने वालों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

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