World Heritage Day : क्यों मनाते हैं विश्व धरोहर दिवस, जानें- इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

World Heritage Day : ताजमहल, आगरा का किला, फतेहपुर सीकरी सहित उत्तर प्रदेश के तीन स्मारक वर्ल्ड हेरिजेट की सूची में शामिल हैं

By: Hariom Dwivedi

Updated: 15 Apr 2021, 08:07 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस (World Heritage Day) है। इस बार वर्ल्ड हेरिटेज डे 2021 की थीम 'Complex Pasts : Diverse Futures है। World Heritage Day मनाए जाने का इतिहास (History) करीब चार दशक पुराना है। वर्ष 1984 से यूनेस्को (UNESCO) प्रतिवर्ष 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मना रहा है। विश्व धरोहर दिवस मनाने का महत्व (Importance) इसलिए भी अहम हो जाता है, क्योंकि इसका मकसद सांस्कृतिक-ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासतों को संरक्षित करना और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना है। उत्तर प्रदेश के तीन स्मारक वर्ल्ड हेरिजेट की सूची में शामिल हैं और तीनों ही आगरा जिले के हैं, जो निम्न हैं-

ताजमहल
Taj Mahal को दुनिया भर में प्यार की निशानी के तौर पर देखा जाता है। यमुना नदी के किनारे बनी बेहद खूबसूरत यह इमारत देश-दुनिया के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज की याद में ताजमहल का निर्माण कराया था। यूनेस्को ने वर्ष 1983 में ताजमहल को वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया था।

आगरा का किला
यमुना नदी के किनारे बसे आगरा शहर में Agra Fort स्थित है, जिसे मुगल सम्राट अकबर ने बनवाया था। इसे लाल किला के नाम से जाना जाता है। यह ताजमहल से 2.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ताजमहल घूमने आने वाले पर्यटक आगरा का किला भी देखने जरूर आते हैं। इसे वर्ष 1983 में वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया गया था।

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फतेहपुर सीकरी
आगरा जिले के Fatehpur Sikri को वर्ष 1986 में यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज की सूची में शामिल किया था। फतेहपुर आगरा से 22 किलोमीटर दूर दक्षिण दिशा में स्थित है, जिसे अकबर ने बसाया था। फतेहपुर सीकरी में बुलंद दरवाजा, सलीम चिश्ती की दरगाह, जोधाबाई का महल जैसे स्मारक अपनी बेजोड़ स्थापत्य कला के लिए मशहूर हैं।

कैसे कोई धरोहर विश्व धरोहर सूची में होती है शामिल
वर्ल्ड हेरिजेट सूची (World Heritage List) में किसी भी धरोहर को शामिल करने के लिए सर्वप्रथम दो संगठनों द्वारा उसका आंकलन किया जाता है। इनमें एक अंतरराष्ट्रीय स्मारक एवं स्थल परिषद और दूसरा विश्व संरक्षण संघ है। इसके बाद विश्व धरोहर समिति से सिफारिश की जाती है। फिर समिति निर्णय लेती है कि किसी नामांकित संपदा को विश्व धरोहर सूची में सम्मिलित करना है या नहीं।

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Hariom Dwivedi
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