Krishna Janmashtami के अचूक 6 उपाय, एक भी किया तो मिलेगा अद्भुत लाभ

वह जंगल में सर्प और व्याघ्र होता है।

By: Ritesh Singh

Published: 23 Aug 2019, 02:22 PM IST

लखनऊ , हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की,नंद के घर आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की। पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि जो भी व्यक्ति नन्द गोपाल की पूजा अर्चना करता हैं उसपर हमेशा प्रभु की कृपा बनी रहती हैं।

विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)
शक संवत -1941
अयन - दक्षिणायन
ऋतु - वर्षा
मास - भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार श्रावण)
पक्ष - कृष्ण
तिथि - सप्तमी सुबह 08:09 तक तत्पश्चात अष्टमी
नक्षत्र - कृत्तिका 24 अगस्त रात्रि 03:48 तक तत्पश्चात रोहिणी
योग - ध्रुव शाम 04:43 तक तत्पश्चात व्याघात
राहुकाल - सुबह 10:54 से दोपहर 12:29 तक
सूर्योदय - 06:20
सूर्यास्त - 19:02
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण - जन्माष्टमी (स्मार्त), शरद ऋतु प्रारंभ

विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है।

Krishna Janmashtami

ब्रह्मवैवर्त पुराण, कालनिर्णय में आया है कि – 'जब तक अष्टमी चलती रहे या उस पर रोहिणी नक्षत्र रहे तब तक पारण नहीं करना चाहिए; जो ऐसा नहीं करता, अर्थात जो ऐसी स्थिति में पारण कर लेता है वह अपने किये कराये पर ही पानी फेर लेता है और उपवास से प्राप्त फल को नष्ट कर लेता है। अत: तिथि तथा नक्षत्र के अन्त में ही पारण करना चाहिए।

प्रत्येक मनुष्य को Krishna Janmashtami का व्रत,उपवास जरूर रहना चाहिए। ऐसा न करने पर बहुत दोष लगता है।

ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार

भारतवर्ष में रहने वाला जो प्राणी Krishna Janmashtami का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है। इसमें संशय नहीं है। वह दीर्घकाल तक वैकुण्ठलोक में आनन्द भोगता है। फिर उत्तम योनि में जन्म लेने पर उसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न हो जाती है-यह निश्चित है।

अग्निपुराण के अनुसार

इस तिथिको उपवास करनेसे मनुष्य सात जन्मों के किये हुए पापों से मुक्त हो जाता हैं । अतएव भाद्रपद के कृष्णपक्ष की रोहिणी नक्षत्रयुक्त अष्टमी को उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना चाहिये। यह भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाला है।

भविष्यपुराण के अनुसार
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में Krishna Janmashtami व्रत जो मनुष्य नहीं करता, वह क्रूर राक्षस होता है।

स्कन्दपुराण के अनुसार

जो व्यक्ति कृष्ण जन्माष्टमी व्रत नहीं करता, वह जंगल में सर्प और व्याघ्र होता है।

किसी विशेष कारणवश अगर कोई Janmashtami व्रत रखने में समर्थ नहीं तो किसी एक ब्राह्मण को भरपेट भोजन हाथ से खिलाएं। अगर वह भी संभव नहीं तो ब्राह्मण को इतनी दक्षिणा दें की वो 2 समय भरपेट भोजन कर सके। अगर वह भी संभव नहीं तो गायत्री मंत्र का 1000 बार जप करें ।

Krishna Janmashtami के अचूक 6 उपाय, 1 भी करेंगे तो होगा फायदा। पंडित शक्ति मिश्रा के अनुसार

1 आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो Janmashtami पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई बांटें।

2 Janmashtami से शुरु कर 27 दिन लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती है।

3 यदि पैसे की समस्या चल रही हो तो Janmashtami पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधाकृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पित करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।

4 सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर से गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्त होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।

5 लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहे। जब पौधे फल देने लगे तो इसका दान करें, स्वयं न खाएं।

6 Janmashtami पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली (कुमकुम) से श्री यंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।

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