भ्रष्टाचार जलाने के बाद अब दफनाने की कोशिश, अधिकारी बोले अफवाह

एलडीए में घोटाले की आग के बाद अब आरोप एलडीए द्वारा फाइलें दबाने का है।

By: Dikshant Sharma

Published: 15 Jan 2018, 04:11 PM IST

लखनऊ. लखनऊ विकास प्राधिकरण पर रह रह कर पहले भ्रष्टाचार और फिर उसे छिपाने के आरोप लगते रहे हैं। एक बार फिर इसके चलते एलडीए पर सवाल खड़े होने लगे हैं। एलडीए में घोटाले की आग के बाद अब आरोप एलडीए द्वारा फाइलें दबाने का है। एलडीए मुख्‍यालय में बने बारादरी लॉन के किचन में कई बोरों में फाइलों रखी गई थी। रविवार को छुट्टी के दिन पास के ही मैदान में गड्ढा खोदकर उन्हें दफना जा रहा था। हालाँकि एलडीए अधिकारियों ने इसे अफवाह बताते हुए रद्दी के निस्तारण की बात कही।

यह हाल तब है जब एलडीए के मुख्‍यालय में पहले दो बार संदिग्‍धहाल में लग चुकी है। आग की जांच अब तक एफएसएल से नहीं कराई जा सकी है। वहीं फाइल गायब होने की बात पर एलडीए सचिव संबंधित कर्मचारियों पर एफआईआर तक दर्ज कराने की बात कह चुके हैं। इस घटना के सामने आने बाद ये समझा जा रहा है कि आग की घटनाओं के बाद अब एलडीए के भ्रष्‍ट लोगों ने फाइलों को ठिकाने लगाने का नया तरीका खोज लिया है।

नई बिल्डिंग के सामने स्थित मैदान में करीब दस फुट गहरे लंबे और चौड़ें गड्ढे को फाइलों व अन्‍य कागजातों से भरा जा चुका था। कुछ मजदूर उसपर मिट्टी डाल रहे थे। गड्ढे के बाहर ही मिट्टी का ढेर लगा था। मजदूरों ने बताया कि गड्ढे में उतनी ही फाइलों व अन्‍य कागजात डाला गया हैं, जितनी बाहर मिट्टी बची है। इसका वीडियो भी वायरल होने लगा ।

एलडीए पीआरओ अशोक पाल सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच। गड्ढे में दबी कथित फाइलें जब निकाली गईं तो पता चला कि वे पुराने कागज़ और अन्य रद्दी थे । फाइलों को दबाने की बात गलत है ।

Dikshant Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned