बदला ट्रेंड : चुनाव प्रचार का जरिया बना सोशल मीडिया, सभी दल सक्रिय

प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्स एप जैसे सोशल मीडिया मंचों पर भी प्रचार तेज कर दिया है

By: Ruchi Sharma

Published: 29 Mar 2019, 01:40 PM IST

लखनऊ. लोकसभा चुनाव 2019 का आगाज होते ही प्रत्याशियों की सक्रियता सोशल मीडिया पर भी बढ़ गयी है। सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से चुनाव प्रचार चल रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों से लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्स एप जैसे सोशल मीडिया मंचों पर भी प्रचार तेज कर दिया है। लोक सभा चुनाव में राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया चुनावी प्रचार का बड़ा प्लेटफार्म बनकर उभर रहा है। यही वजह है कि राजनीतिक दल के प्रत्याशी से लेकर निर्दलीय और उनके समर्थक भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं। लोग एक पक्ष और विपक्ष पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो या सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सभी सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी अब ट्विटर पर भी दस्तक दे दी है। मायावती के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर फॉलोअर्स की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। बीच-बीच में भाजपा और कांग्रेस के नेता तो फील्ड में दिख रहे हैं, पर सपा और बसपा पूरी राजनीति ड्राइंगरूम से ही सोशल मीडिया के सहारे चला रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तीसरी बार यूपी के दौरे पर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर रोज केंद्र और राज्य सरकार मीडिया पर हमला करने से नहीं चूक रही हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की निगरानी

सोशल मीडिया के जरिये राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार करने वालों पर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये नजर रखी जाएगी। अगर किसी सोशल साइट पर आचार संहिता का उल्लंघन करने वाला किसी पोस्ट की शिकायत मिलती है तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की टीम तीन घंटे के अंदर उसे सोशल साइट से हटा देगी। ट्विटर, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया की तमाम गतिविधियों पर चुनाव अधिकारियों की पैनी निगाहें होंगी।

Ruchi Sharma
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