लोकसभा चुनाव 2019 : इस वीआईपी सीट पर यह होंगे गठबंधन के प्रत्याशी! बीजेपी के सामने गढ़ बचाना बड़ी चुनौती

SP BSP Alliance 2019 की अटकलों के बीच भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम की भी अटकलें तेज

By: Hariom Dwivedi

Updated: 07 Jan 2019, 06:10 PM IST

सुलतानपुर. सपा-बसपा की नजदीकियों के बीच सुलतानपुर में चर्चा तेज हो गई है लोकसभा चुनाव 2019 में गठबंधन का प्रत्याशी कौन होगा? माना जा रहा है कि यह वीआइपी सीट बसपा के खाते में जा सकती है। इसकी दो वजह हैं एक तो सुलतानपुर सीट पर समाजवादी पार्टी को कभी भी जीत नसीब नहीं हुई, बीते आम चुनाव में बसपा प्रत्याशी पवन पांडेय दूसरे नंबर पर रहे थे, जबकि सपा प्रत्याशी शकील अहमद तीसरे नंबर पर खिसक गये थे। 2014 के चुनाव में सुलतानपुर सीट भाजपा नेता वरुण गांधी ने जीत हासिल की थी।

बहुजन समाज पार्टी के जिला महासचिव राजीव गौतम ने बताया कि इस सीट से बसपा किसी पिछड़े वर्ग के नेता को चुनावी मैदान में उतार सकती है। उन्होंने कहा कि यदि पिछड़े वर्ग का कोई प्रत्याशी किन्हीं कारणों से नहीं आता तो दूसरे नम्बर पर वरीयता किसी ब्राह्मण को चुनाव लड़ाने की होगी। तीसरे नंबर पर मुस्लिम प्रत्याशी और चौथे नंबर पर क्षत्रिय को लड़ाने की रणनीति है।

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रामशिरोमणि हो सकते हैं गठबंधन के प्रत्याशी
पार्टी सूत्रों की मानें तो बसपा नेता फैजाबाद निवासी रामशिरोमणि वर्मा गठबंधन के उम्मीदवार हो सकते हैं। उन्हें मायावती का विश्वसनीय नेता माना जाता है। राम शिरोमणि वर्मा मायावती सरकार के समय जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर थे।

गठबंधन में कांग्रेस को नहीं मिल रही जगह
तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि सपा-बसपा के गठबंधन में कांग्रेस की भी दावेदारी मजबूत होगी, लेकिन यूपी में ऐसा होता नहीं दिख रहा है। सपा-बसपा के गठबंधन में रालोद सहित अन्य छोटी पार्टियों के लिए तो स्थान है, लेकिन कांग्रेस के लिए शायद नहीं। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन में सपा-बसपा 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, वहीं छह सीटें रालोद समेत सहयोगी दलों को दी जाएंगी।

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यह हो सकते हैं भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशी
सुलतानपुर से वर्तमान में सांसद वरुण गांधी ही भारतीय जनता पार्टी के दावेदारी माने जा रहे हैं, वहीं डॉ. संजय सिंह या फिर उनकी पत्नी पूर्व मंत्री अमिता सिंह को कांग्रेस का प्रत्याशी बताया जा रहा है।

बीजेपी के लिए गढ़ बचाना बड़ी चुनौती
सपा-बसपा गठबंधन के बीच सुलतानपुर में भारतीय जनता पार्टी के सामने गढ़ बचाना बड़ी चुनौती होगी। बीते चुनाव में वरुण गांधी को सुलतानपुर से 410,348 वोट मिले थे, जबकि बसपा प्रत्याशी पवन पांडे को 231,446 वोट और सपा प्रत्याशी शकील अहमद को 228,144 वोट मिले थे। ऐसे में गठबंधन होने की स्थिति में अगर सपा-बसपा वोटर्स ने गठबंधन प्रत्याशी के फेवर में वोट किया तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।


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