भारत-बोत्सवाना यूथ कॉन्फ्रेंस में लखनऊ के सार्थक का सिलेक्शन

भारत-बोत्सवाना यूथ कॉन्फ्रेंस में लखनऊ के सार्थक का सिलेक्शन

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 10 2018 08:19:45 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

500 लोगों में 60 लोगों का चयन किया गया जिसमें से लखनऊ से सार्थक सिन्हा का सिलेक्शन हुआ है

लखनऊ. मंगलवार 11 सितम्बर को दिल्ली में भारत-बोत्सवाना यूथ कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। ''भारत एक मृदु शक्ति (सॉफ्ट पावर) - व युवा शक्ति किस प्रकार से इसमें सुधार कर सकती है'' के विषय पर चर्चा हुई जिसमें 500 से ज्यादा लोगों ने अपने विचार भेजे। इन 500 लोगों में 60 लोगों का चयन किया गया जिसमें से लखनऊ से सार्थक सिन्हा का सिलेक्शन हुआ है। इस दौरान इन्हें मौका मिला है कि वे कांफ्रेंस में शामिल होकर बोटस्वना हाई कमिश्नर के सामने अपने विचार प्रस्तुत कर सकें।

युवा-टू-यूथ कनेक्ट का आधार

दिल्ली में आयोजित होने वाली इस कांफ्रेंस में राजदूत, अंतरराष्‍ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ के साथ देश के 60 युवा शामिल होंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय के स्टूडेंट सार्थक सिन्हा ने बताया कि भारत-बोत्सवाना युवा वार्ता में बोत्सवाना और भारत के बीच बढ़ते संबंधों पर बोत्सवाना और राजनियकों के उच्चायुक्त के साथ बातचीत होगी। एक ये होगा और दूसरा इसमे कुछ एक्सचेंजेस प्रोग्राम होंगे। आज इंडिया टेक्नोलॉजी के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। लेकिन बोत्सवाना के पास टेक्नोलॉजी से ज्यादा मिनरल्स, कोल, माइन्स है। एक्सचेंज प्रोग्राम में इन बातों का जिक्र जाएगा कि कैसे भारत और बोत्सवाना एक दूसरे की मदद इस तरह के सहयोग से कर सकते हैं। यह कांफ्रेंस दोनों देशों के बीच एक मजबूत युवा-टू-यूथ कनेक्ट का आधार देता है। भारत और बोत्सवाना के बीच ऐतिहासिक संबंधों, उनकी संस्कृति के बारे में कुछ तथ्यों, उनके जनसांख्यिकी विवरण के बारे में जानकारी मिलेगी।

टेक्नोलॉजी के माध्यम से दूर करना है एड्स

भारत और बोत्सवाना दोनों ही विशाल युवा क्षमता वाले राष्ट्र हैं। इस मामले में सार्थक सिन्हा ने कहा कि कांफ्रेंस का मुख्य आधार होगा कि वो क्या तरीके या फिर यूं कहें कि वो कौन से स्टेप्स हैं, जिससे दोनों देशों का यूथ साथ आ सके। फिर चाहे वो टेक्नोलॉजी हो या इकोनॉमिक डेवलेप्मेंट हो। बोत्सवाना का में एड्स रेशियो 40 फीसदी है, जो कि भारत के मुकाबले ज्यादा है। इस लिहाज से बोत्सवाना को वो टेक्नोलॉजी से अवगत कराया जा सकता है, जिससे कि वहां के लोगों को एड्स से निजात मिल सके। इस कांफ्रेंस का बेसिक उद्देश्य यही है कि कैसे दोनों देश साथ आगे बढ़ सकें।

लखनऊ विश्वविद्यालय के सार्थक एमटीटी के स्टूडेंट हैं। इसके अलावा सार्थक एनएसएस वालंटियर रह चुके हैं। वे डेढ़ साल से चारबाग में बस्ती में फ्री एजुकेशन भी दे रहे हैं। उन्हें प्रेसिडेंट अवार्ड के लिए नामांकित भी किया गया है।

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