राम के दरबार में 'शिव' सेना, रामलला के दर्शन से पहले उद्धव ठाकरे ने योगी से किया यह आग्रह

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परिवार और कार्यकर्ताओं संग किया रामलला—हनुमानगढ़ी का दर्शन
अयोध्या में आना सौभाग्य की बात
कोरोना की वजह से सरयू में स्नान व आरती नहीं किया अगली बार करने का वादा
राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को एक करोड़ रुपए की राशि देने का ऐलान
भाजपा का मतलब हिंदुत्व नहीं है, हिंदुत्व अलग है और भाजपा अलग।
योगी से अनुरोध, थोड़ी सी जमीन दे दें जहां महाराष्ट्र भवन बनाएंगे

By: Mahendra Pratap

Updated: 07 Mar 2020, 07:32 PM IST

अयोध्या. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को सपरिवार रामनगरी अयोध्या में रामलला का दर्शन किया। उसके बाद हनुमानगढ़ी का का दर्शन किया। उनके साथ पत्नी, बेटे, बीस सांसद सहित करीब 2000 शिवसेना कार्यकर्ता थे। उद्धव ठाकरे का यह तीसरा अयोध्या दौरा है। इस बार के दौरे के पीछे महाराष्ट्र सरकार के 100 दिन पूरा होने की मनौती थी। पर उद्धव ठाकरे को इस बात का अफसोस रहा कि वह सरयू नदी में स्नान न कर सके और न ही सरयू आरती में हिस्सा ले सके। कोरोनावायरस पर स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवायजरी की वजह से इस कार्यक्रम को रद करना पड़ा।

शनिवार दोपहर दो बजे रामनगरी अयोध्या में पहुंचने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पत्नी रश्मि ठाकरे और बेटे आदित्य ठाकरे का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शिवसेना प्रमुख व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहाकि अयोध्या आना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मैं रामलला के दर्शन को बार बार आता रहूंगा। सरयू में स्नान करने की बड़ी इच्छा है और उसके बाद सरयू आरती करना चाहता था पर कोरोना वाइरस पर जारी एडवाइजरी की वजह से वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। पर अगली बार वह निश्चित रुप से स्नान और आरती करेंगे।

भाजपा का मतलब हिंदुत्व नहीं :- मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए का दान ट्रस्ट को देने की ऐलान किया। साथ ही कहाकि हम सब मिलकर अयोध्या में राम मंदिर बनाएंगे। हम चाहते हैं कि अयोध्या में ऐसा भव्य मंदिर बने, जिसे दुनिया देखे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं भाजपा से अलग हुआ हूं। हिंदुत्व से नहीं। भाजपा का मतलब हिंदुत्व नहीं है। हिंदुत्व अलग है और भाजपा अलग। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री योगी से अनुरोध किया अयोध्या में कुछ जमीन हमें दे दें, जिससे हम अयोध्या में महाराष्ट्र भवन बना सकें।

शिवसेना ने कोरोनावायरस को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवायजरी के बाद सरयू आरती और जनसभा कार्यक्रम रद्द कर दिया था। शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत, उद्धव ठाकरे के आगमन कार्यक्रम को लेकर अयोध्या में पहले से ही उपस्थित थे। राउत ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र के आह्वान के बाद भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों को रद्द किया गया है। मुख्यमंत्री योगी ने भी भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों से बचने की अपील की थी।

मंदिर निर्माण धार्मिक नहीं, राष्ट्रीय कर्तव्य :- बीते पांच दिन से शिवसेना प्रवक्ता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत लखनऊ और अयोध्या के बीच उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे की तैयारियों का जायजा ले रहे थे। उन्होंने कहाकि कहीं कोई विरोध नजर नहीं आ रहा है। इस बीच उन्होंने कहाकि न सिर्फ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बल्कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी जैसे नेता भी अयोध्या आएं और रामलला का दर्शन करें। उनका मानना है कि रामलला का दर्शन एवं मंदिर निर्माण धार्मिक नहीं, राष्ट्रीय कर्तव्य है।

कई साधु-संतों नजरबंद :- उद्धव ठाकरे के विरोध और सुरक्षा की वजह से कई साधु-संतों हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास, तपस्वी छावनी के महंत महंत परमहंस दास, खाक चौक के महंत और हिंदू महासभा से भी जुड़े परशुराम दास और हिंदू महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश दत्त मिश्रा को जिला प्रशासन ने नजरबंद कर लिया था।

दर्शन को आए सभी :- महाराष्ट्र मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे पत्नी रश्मि ठाकरे, बेटा आदित्य ठाकरे के संग पार्टी के करीब 20 सांसद, महाराष्ट्र में शिवसेना कोटे के मंत्री,विधायक, बड़ी संख्या में पार्टी समर्थकों ने रामलला का दर्शन किया। एक विशेष ट्रेन शुक्रवार देर शाम 2000 शिवसैनिकों को लेकर फैजाबाद रेलवे स्टेशन पहुंच गई थी।

उद्धव ठाकरे का रामलला से प्रेम :- रामनगरी से शिवसेना का रिश्ता 1992 से ढांचा विध्वंस के साथ सुर्खियों में है। उद्धव ठाकरे 24 नवंबर 2018 में अयोध्या में भगवान राम के दर्शन को आए थे। इसके बाद जून 2019 में लोकसभा चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे पार्टी के सांसदों संग अयोध्या में रामलला का दशर्न किया। उस अयोध्या दर्शन के वक्त उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के शिवनेरी किले की मिट्टी भी अपने साथ ले गए थे। शिवनेरी छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थान है। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वहां (अयोध्या) ऐसी शक्ति है, जिसे मैंने महसूस किया है। इसलिए, अब मैं बार-बार वहां जरूर जाऊंगा।

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