लखनऊ। वेतन बढ़ोत्तरी और अन्य मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के पहले दिन बैंकों की शाखाओं पर ताले लटके नजर आये। यही हालत दूसरे दिखी। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने कई जगह प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। बैंकों की हड़ताल का असर पूरे प्रदेश में देखा गया। बैंकों की हड़ताल 31 मई को भी जारी रही ।

रामदेव और नीतीश कुमार से जताई नाराजगी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस द्वारा बुलाई गई दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नोटबंदी के दौरान बैंक कर्मचारियों की निष्ठा पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उठाये गए सवाल पर नाराजगी व्यक्त की। इसी के साथ बाबा रामदेव के नोटबंदी के बारे में दिए गए बयान की भी प्रदर्शनकारी कर्मचारियों और अधिकारियों ने निंदा की।

सभी बैंक हड़ताल में शामिल

हड़ताली कर्मचारियों ने विभूति नगर गोमती नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के अंचल कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश पूर्वी अंचल के सचिव संदीप सिंह, उपेंद्र वर्मा, हरमिंदर सिंह, जितेंद्र यादव, अमित श्रीवास्तव, करुणेश शुक्ला, विनय सक्सेना, खालिद वली, नदीम अहमद, निहाल अहमद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। इसी के साथ एसबीआई, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक, यूनाइटेड बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंक इस हड़ताल में शामिल रहे।

हड़ताल के चलते बहुत हो रही परेशानी

बैंक कर्मचारियों और अफसरों की हड़ताल के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । बैंकों से की जाने वाली नकदी लेनदेन पर इस हड़ताल का व्यापक असर पड़ा है। जिन बैंक उपभोक्ताओं को बैंकों की हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी, वे बैंक शाखा पहुंचे लेकिन उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। जिसके चलते लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं ।

 

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