सिंधी में ‘हैमलेट’ और उर्दू में यूनानी औषधियों के किताबें

बाल संग्रहालय चारबाग में लखनऊ बुक फेयर-2021: आठवां दिवस

By: Ritesh Singh

Published: 12 Mar 2021, 09:27 PM IST

लखनऊ, भाषाओं का मेल, बोलियों की मिठास किस तरह हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में मिली घुली है, इसके अनेक उदाहरण बाल संग्रहालय लान चारबाग में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले में मिल जायेगा। यहां किताबों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत छूट है तो हिन्दी संस्थान जैसे कुछ दूसरे स्टालों पर 15 से 60 प्रतिशत तक छूट मिल रही है। पुस्तक विमोचन व साहित्यिक गतिविधियों की आज भी धूम रही। निःशुल्क प्रवेश और रोज सुबह 11 से रात नौ बजे तक चलने वाला यह मेला यहां 14 मार्च को समाप्त हो जायेगा।

आकाश में छाई बदली और बूुदाबांदी मेले में आज दिनभर पुस्तक विक्रेताओं को डराता रहा लेकिन पुस्तक प्रेमियों का उत्साह नहीं डिगा पाया। आज दिनभर अच्छी भीड़ रही। मेले में सिंधी भाषा विकास परिषद के स्टाल पर प्रचुर सिंधी साहित्य दोनों लिपियों में है। यहां भारती के गुनाहों के देवता का जगत आडवाणी का किया सिंधी अनुवाद गुनाहनि भरियो देवन है शेक्सपीयर के नाटक हैमलेट भी सिंधी भाषा में मिल जायेगा। डा.जे लालवाणी के सिंधी ड्रामा एक विवेचनात्मक पुस्तक है। उर्दू भाषा विकास परिषद अबतक 13 सौ उर्दू पुस्तकें प्रकाशित कर चुका है। इनमे उर्दू सिखाने वाली 50 रुपये की उर्दू सबके लिए एक लोकप्रिय पुस्तक है।

इसके अलावा यहां यूनानी दवाओं की बहुत सी पुस्तकें उर्दू में हैं। उर्दू बाल साहित्य भी है किन्तु सर्वाधिक मांग मीर अनीस, मण्टो, शब्दकोशों और अम्बेडकर साहित्य की रहती है। केन्दीय हिन्दी निदेशालय के स्टाल पर हिन्दी के संग अलग-अलग भारतीय भाषाओं को लेकर गुजराती हिन्दी कोश, पंजाबी हिंदी कोश के अलावा भारतीय भाषा कोश, भारतीय भाषा परिचय, अभिनव हिन्दी कोश जैसी अनेक शोधात्मक और प्रामाणिक पुस्तके हैं। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के स्टाल पर नाथपंथ साधना और साहित्य हाल की प्रकाशित पुस्तक है।

मेला गतिविधियों के बारे में संयोजक मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि नई जगह पहली बार आयोजित यह मेला उम्मीद से अच्छा चल रहा है और नये अनुभव दे रहा है। साहित्यिक कार्यक्रमों में आज सुबह गरुड़ प्रकाशन की सुदीप तालुकदार की किताब प्राक्सीवार द काउण्टर और सक्सेस मंत्रा किताब का विमोचन हुआ। भारत सेवा संस्थान द्वारा संस्थापक चन्द्रभानु गुप्त पर आधारित पुस्तक सफर कहीं झुका नहीं, रुका नहीं का विमोचन पूर्व मेयर, दाऊजी गुप्त, डा.ऊषा चैधरी, पूर्व मंत्री उज्ज्वल रमण सिंह, राजेश सिंह, केशव प्रसाद, प्रताप सिंह व मनोज सिंह चंदेल की उपस्थिति में हुआ। प्रलेक प्रकाशन के कार्यक्रम में अर्पणकुमार की सह अस्तित्व के संग हमरंग भाग दो पुस्तक का लोकार्पण हुआ।

संस्कृति आतिश की पुस्तक वक्त बेवक्त विमोचन महापौर संयुक्ता भाटिया व व्यापारी नेता संदीप बंसल की उपस्थिति में हुआ। इससे पहले जीतेश श्रीवास्तव के संचालन में चल रहे विश्वम महोत्सव में आज उड़ान डांस एकेडमी व नवयुग कालेज के छात्र-छात्राओं ने नृत्य, गायन और रचनाएं सुनाने के संग ही अन्य प्रस्तुतिया पेश कीं। आप्टिकुम्भ के संयोजक ऋषभ रस्तोगी ने मंच से युवाओं को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया।

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