रूस में दिखी इस लखनवी लड़के की ऐसी कारीगरी, एटम एक्स्पो में मिला बेस्ट कैंपेन का खिताब

Mahendra Pratap

Publish: May, 18 2018 03:45:24 PM (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
रूस में दिखी इस लखनवी लड़के की ऐसी कारीगरी, एटम एक्स्पो में मिला बेस्ट कैंपेन का खिताब

रूस में चला लखनऊ का जादू

लखनऊ. आज की बदलती लाइफस्टाइल में जिस कदर हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों को नजरअंदाज कर रहे हैं, वो निसंदेह चिंता की बात है। लोग जिस कदर अपनी महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ऊर्जा के तरह-तरह के स्त्रोतों पर निर्भर हो गए हैं, उससे तो यही लगता है कि वो दिन दूर नहीं जब हमें इसके दुष्परिणामों से अवगत होना पड़ेगा। ये बात तब और भी ज्यादा चिंता जनक लगती है, जब शहरी सुविधाओं से कोसों दूर गांव के लोग ऊर्जा संरक्षण से बेखबर अपनी ही दुनिया में मग्न रहते हैं। उन्हें ऊर्जा संरक्षण की सही जानकारी देना जरूरी हो गया है। इस बात की तर्ज पर न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कम्युनिकेशन एक्सपर्ट अमृतेश सिंह ने एटम ऑन व्हील्स नाम के कैंपेन की शुरूआत की, जिसे रूस में दुनिया के बेस्ट कैंपेन से नवाजा गया है।

एटम ऑन व्हील्स का उद्देश्य

इस कैंपेन का उद्देश्य गांव के लोगों को टारगेट कर उन्हें परमाणु ऊर्जा के बारे में सही जानकारी देकर जागरुक करना है। दो साल की कड़ी मेहनत रहे इस कैंपेन को 6 राज्यों में चलाया गया और अब तक 1500 से ज्यादा गावों को कवर किया जा चुका है। इसे हरयाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश , गुजरात, महाराष्ट्र और आंध प्रदेश में कवर किया जा चुका है। ये अभियान एसी बस में कवर किया गया था, जिसे खासतौर से इसी मकसद से बनाया गया था।

 

 

atom on wheels

वर्ल्ड बेस्ट कैंपेन

एटम ऑन व्हील्स को वर्ल्ड बेस्ट कैंपेन माने जाने की उपलब्धि पर अमृतेश सिंह का कहना है कि इस उपलब्धि के जरिये भारत का नाम रौशन किया है।

उन्होंने बताया कि इस समय बिजली की आवश्यक्ता बहुत है हमारे देश में लेकिन बिजली बनाने के तरीके बहुत लिमिटेड हैं। देश में 80 फीसदी बिजली हमें कोयले से मिलती है और उससे प्रदूषण बहुत होता है। धीरे-धीरे इस पर वर्ल्ड वाइड काम हो रहा है कि कैसे कोयले की डिपेंडेंसी खत्म की जाए। गांव में लोगों को ऊर्जा संरक्षण के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। हम एटम ऑन व्हील्स Atom on Wheels नाम के कैंपेन से गांव वालों को ऊर्जा संरक्षण के बारे में बताना चाहते हैं।

अमृतेश ने आगे बताया कि न्यूक्लियर एनर्जी की जरूरत और इस्तेमाल अमूमन कई चीजों के लिए होती है। जब कैंसर ट्रीटमेंट किया जाता है, तब न्यूक्लिर एनर्जी की जरूरत होती है।

जागरूकता है मकसद

एटम ऑन व्हील्स गांव के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया गया था। वहां के लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होते इसलिए उन्हें इन सब बातों की ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसकी सक्सेस इस बात से ज्यादा आंकी जा सकती है कि गांव के लोगों पर इसका पॉजिटिव इम्पैक्ट पड़ा।

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