अमेठी जनता आत्मदाह को मजबूर, स्मृति ईरानी आखिर कहां गायब हैं : दीपक सिंह

जनता की सेवा करने के बजाय लूडो और अंताक्षरी खेल रही स्मृति ईरानी

By: Mahendra Pratap

Published: 20 Jul 2020, 06:47 PM IST

लखनऊ. विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने कहा कि अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी लॉकडाउन में जनता की सेवा करने के बजाय लूडो और अंताक्षरी खेल रही थीं। अब उनके क्षेत्र में सत्ता संरक्षण में अपराध इतना बढ़ गया कि जनता आत्मदाह को मजबूर है। वे आखिर कहां गायब हैं।

विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने कहा कि सरकार ने अपनी गलती मानते हुए थाने के दरोगा को सस्पेंड भी किया है। फिर ये बिना सिर पैर की साजिश क्यों रच रही है। सच्चाई तो यह है कि 9 मई को साफिया की पुत्री गुड़िया दबंगों पर एफआईआर दर्ज कराती है तथा 13 मई को दबंगों ने गुड़िया सहित अन्य पर फर्जी एफआईआर दर्ज करा दी जाती है। 4 जुलाई को डीआईजी, आईजी, डीजीपी एवं मुख्यमंत्री सहित सभी से न्याय के लिए प्रार्थना करती रही लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकार का रवैया पूर्व की तरह इस मामले में भी हीलाहवाली का रहा और मुद्दों से भटकाने एवं विरोधी पार्टी को कुचलने का कुचक्र रचती रही है। प्रदेश के अन्य विपक्षी दलों के दरवाजे बन्द हैं। मीडिया जनता की आवाज है। सरकार डरकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करा रही है।

दीपक सिंह ने कहा कि विधानसभा के गेट नम्बर तीन पर आत्मदाह के बाद प्रशासनिक कमी को छुपाने के कांग्रेस प्रवक्ता को फंसाने की भाजपा साजिश रच रही है। भाजपा को राजनीतिक शिष्टाचार नहीं भूलना चाहिए। कोई भी पीड़ित किसी भी राजनीतिक या सामाजिक संगठनों से मदद मांगता है। उसके दफ्तर जाता है, यह एक सामान्य सी बात है। भाजपा क्या कभी विपक्ष में नहीं रही है। क्या भाजपा कभी विपक्ष में नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि हजरतगंज से लेकर जामों तक पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि पुलिस और अपराधियों के गठजोड़ के चलते पीड़ित आत्मदाह को मजबूर हुईं हैं। भाजपा नेताओं से लेकर पुलिस के आला अफसरों तक न्याय की गुहार लगाने वाली पीड़ित महिलाएं आत्मदाह करने को क्यों मजबूर हुईं इसका जवाब भाजपा को देना पड़ेगा।

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