यूपीएसएसएफ के गठन व उसको असीमित अधिकार देने का क्या मतलब सीएम योगी : हीरालाल यादव

हीरालाल यादव ने योगी सरकार से पूछा कि, यूपीएसएसएफ को असीमित अधिकार देने का क्या मतलब है।

By: Mahendra Pratap

Updated: 15 Sep 2020, 01:27 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल के गठन के औचित्य पर सवाल उठाते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी उत्तर प्रदेश राज्य सचिव हीरालाल यादव ने योगी सरकार से पूछा कि, यूपीएसएसएफ को असीमित अधिकार देने का क्या मतलब है।

यूपीएसएसएफ हो जाएंगे निरंकुश :- यूपीएसएसएफ मुद्दे पर हीरालाल यादव ने अपने तरकश से कई तीर योगी सरकार पर चलाए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि, विशेष सुरक्षा बल अपनी मर्जी से किसी को भी बिना किसी आधार और वारंट के गिरफ्तार कर जेल भेज सकता हैं। उसे मजिस्ट्रेट की अनुमति की भी जरूरत नहीं होगी। इस प्रकार विशेष सुरक्षा बल के अधिकारियों और सदस्यों को किसी भी नागरिक की स्वतंत्रता एवं गरिमा के अतिक्रमण करने का अधिकार दिया जा रहा है। किसी निर्दोष को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के लिए सुरक्षाबलों के सदस्यों पर मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता और इस प्रकार वे निरंकुश होंगे।

नए कानूनों और नए फोर्स की जरुरत नहीं :- हीरालाल यादव ने कहाकि, यही नहीं अदालतें इनके संबंध में तभी संज्ञान ले पाएंगी जब उत्तर प्रदेश सरकार इसकी इजाजत देगी। इसकी पूरी संभावना है कि सरकार बदले की भावना से अपने विरोधियों को प्रताड़ित करने के लिए इस बल का इस्तेमाल करेगी। अपराधों को रोकने के लिए पर्याप्त कानून और फोर्स उत्तर प्रदेश में मौजूद हैं। इसके लिए नए कानूनों और नए फोर्स की नहीं बल्कि मजबूत पक्षपात रहित इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

संविदा मामले का सख्त विरोध :- हीरालाल यादव ने सरकारी नौकरियों में आरंभ के 5 वर्षों के लिए संविदा पर भर्ती की नई नियमावली का भी सख्त विरोध करते हुए कहा है कि यह नियमावली अन्यायपूर्ण है और रोजगार चाहने वाले युवाओं को नौकरी पाने से रोकने और सरकारी कर्मचारियों को मनमाने तरीके से बाहर करने की एक सुनियोजित रणनीति है।

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