डिफेंस एक्सपो 2020 में भारतीय सेना को मिली सारंग गन, खासियत ऐसी की दहल जाएंगे दुश्मनों के दिल

अंधेरे में दुश्मन पर वार करने वाली देश की सबसे बड़ी सारंग गन को शुक्रवार को डिफेंस एक्सपो 2020 में बंधन कार्यक्रम के तहत भारतीय सेना को सौंपा गया। सारंग गन से भारतीय फौज की ताकत बढ़ गई है।

लखनऊ. अंधेरे में दुश्मन पर वार करने वाली देश की सबसे बड़ी सारंग गन को शुक्रवार को डिफेंस एक्सपो 2020 में बंधन कार्यक्रम के तहत भारतीय सेना को सौंपा गया। सारंग गन से भारतीय फौज की ताकत बढ़ गई है। एशिया के इस सबसे बड़े डिफेंस एक्सपो में 50 हजार करोड़ रुपए के 23 एमओयू साइन किए गए। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज 71 एमओयू के साथ 13 प्रोडक्ट लांच किए गए हैं।

सारंग गन इजरायली तोप सॉल्टम का स्वदेशी आधुनिक संस्करण है। इसकी कैलिबर 135 अब 155 एमएम की गई है। मार्च 2018 में हुए कई परीक्षणों में इस गन ने भारत फोर्ज और पुंजलॉयड की तोपों को पछाड़ कर ओपेन बिड में सेना से ऑर्डर हासिल किया था। वर्ष 2022 तक तीन सौ गन (तोपों) का निर्माण कर सेना को दिया जाना है।

डिफेंस एक्सपो 2020 में बंधन कार्यक्रम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उम्मीद करता हूं कि पब्लिक, प्राइवेट सभी कंपनी इस बंधन को निभाएंगे। आज के एमओयू से एमएसएमई को भी बड़ी मदद मिलेगी। राजनाथ ने कहा कि उड़ान योजना के तहत उत्तर प्रदेश के कई जिलों को जोड़ा जाएगा। प्राइवेट सेक्टर लगतार डिफेंस सेक्टर को मजबूत कर रहे हैं। प्रत्येक एमओयू इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एक्सचेंज के लिए फायदेमंद होंगे। हमारी पॉलिसी ने रिजल्ट देना शुरू कर दिया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 7 गुना बढ़ा है। वर्ष 2024 तक इसको हम 5 बिलियन का टारगेट पूरा करेंगे। हर सहयोग के लिए हमारी मिनिस्ट्री काम करेगी। उत्तर प्रदेश आद्योगिक दृष्टि से कुछ साल में सिर्फ देश में नहीं विदेश में जाना जाएगा।

सारंग गन से जबलपुर गहरा रिश्ता है। जबलपुर पहला शहर बन गया, जहां सारंग गन बनाई और मॉडिफाई की जा सकेगी। साथ ही जबलपुर में इसका सफल परीक्षण भी किय़ा जा सकेगा। जबलपुर में गन का परीक्षण होने से अब बाहर टेस्टिंग में होने वाले 100 करोड़ रुपए की बचत होगी। इससे पहले धनुष सहित सारंग गन की टेस्टिंग के लिए इटारसी या बालासोर जाना पड़ता था।

सारंग गन की खासियत :-

70 डिग्री तक मूव किया जा सकता है।
पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता।
सारंग गन का बैरल 130 MM का था, जो अपग्रेड के साथ 155 MM का हो गया है।
सारंग की मारक क्षमता 39 किमी है।
यह गन रात के अंधेरे में भी कारगर साबित होगी।
रात में भी सैनिक इस गन का दुश्मन पर इस्तेमाल कर सकेंगे।
सारंग गन से 15 डिग्री, 45 डिग्री, 0 डिग्री व 15 डिग्री में 14 किलोमीटर की फायरिंग रेंज में 4 फायर कर सेना की ताकत की बुलंदियों को और अधिक ऊंचा किया है।
45 कैलिबर वाली गन से एक मिनट में तीन राउंड फायर किए जा सकते हैं।
गन (तोप) बिना रुके एक घंटे तक गोले दागने की क्षमता रखती है।
इसका वजन 8450 किलो है
इसके बैरल की लंबाई 7700 एमएम है।

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