खुशखबरी की उम्मीद, वर्ष 2021 की शुरुआत में आ सकती है कोरोना की वैक्सीन

खुशखबरी की उम्मीद। उम्मीद है कि वर्ष 2021 की शुरुआत में कोरोना की वैक्सीन आ जाए। 31 जुलाई को देशभर में मानव पर पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का ट्रॉयल किया गया।

By: Mahendra Pratap

Published: 07 Sep 2020, 04:15 PM IST

लखनऊ. खुशखबरी की उम्मीद। उम्मीद है कि वर्ष 2021 की शुरुआत में कोरोना की वैक्सीन आ जाए। 31 जुलाई को देशभर में मानव पर पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन का ट्रॉयल किया गया। जिसमें 350 वॉलंटियर्स शामिल किए हैं। कानपुर में 33 वॉलंटियर्स पर वैक्सीन का पहला ट्रॉयल 31 जुलाई को हुआ था। पहली डोज देने के 14 दिन बाद खून का सैंपल इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के जरिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआइवी) भेजा गया। कोई साइड इफेक्ट नहीं मिला। उसी दिन सभी को बूस्टर डोज लगाई गई। उसके बाद 28 अगस्त को सभी के खून के नमूने एनआइवी भेजे गए।

अब 84 दिन बाद के रिजल्ट का इंतजार:- वैक्सीन ट्रॉयल के चीफ गाइड प्रो. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वैक्सीन की पहली और बूस्टर डोज लगाने के बाद एंटीबॉडी के टाइटर बने और बढ़े भी हैं। यह अच्छा संकेत है। ट्रॉयल में वॉलंटियर्स की रिपोर्ट अच्छी आई है। उम्मीद है कि वर्ष 2021 की शुरुआत में वैक्सीन आ सकती है। पहली डोज .5 एमएल और दूसरा 1 एमएल की दी गई। अब 84 दिन बाद फिर से सभी के ब्लड सैंपल जांच को भेजेंगे। उसमें देखेंगे कि एंटीबॉडी के बने टाइटर कितने दिन टिके। टाइटर जितने अधिक बढ़ेंगे, वैक्सीन उतनी प्रभावी होगी।

निष्क्रिय वायरस से बनी है वैक्सीन :- आइसीएमआर व एनआइवी पुणे के साथ भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड ने कोरोना के निष्क्रिय वायरस से वैक्सीन तैयार की है। जानवरों पर ट्रायल सफल रहा है। अब पहले और दूसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है।

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