हाथरस केस के आरोपियों ने जेल से लिखा पत्र, पीड़ित मेरी दोस्त थी, मां और भाई ने मारा

-हाथरस कथित गैंगरेप में मुख्य आरोपी का चौंकाने वाला खुलासा, मैं नहीं ये दोनों है अपराधी
-उसने माना कि, वह गांव की अच्छी लड़की थी, मेरी बात होती थी

By: Mahendra Pratap

Published: 08 Oct 2020, 01:52 PM IST

लखनऊ. हाथरस गैंगरेप में गुरुवार को नया खुलासा हुआ है। मामले में मुख्य आरोपी संदीप ने 7 अक्टूबर को जेल से हाथरस के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। जिसमें उसने बताया कि वह और बाकी तीनों अन्य आरोपी बेकसूर हैं। मुख्य आरोपी ने अपने खत में जो चौंकाने वाली बात लिखी है उसमें पीड़िता की मां और उसके भाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहाकि मां और भाई की मारपीट से पीड़िता की मौत हुई है। उसने ऑनर किलिंग की शंका जताई है।

हाथरस केस के आरोपियों ने जेल से लिखा पत्र, पीड़ित मेरी दोस्त थी, मां और भाई ने मारा

मुख्य आरोपी संदीप ने एसपी हाथरस को अपने लिखे खत में माना कि लड़की से उसकी दोस्ती थी। ये बात उसके परिवार को पसंद नहीं थी। घटना वाले दिन वह मौके पर था। लेकिन उसे लड़की की मां और भाई ने घर भेज दिया था। बाद में उसे आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। जबकि लड़की के साथ उसकी मां और भाई ने ही मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। मुख्य आरोपी संदीप ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेटर पर अन्य आरोपी रवि, रामू और लवकुश के हस्ताक्षर हैं।

पीड़ित गांव की अच्छी लड़की थी - मुख्य आरोपी संदीप ने लिखा- ‘‘मुझे 20 सितंबर को झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया है। मुझ पर आरोप लगाया कि गांव की लड़की के साथ गलत काम और मारपीट की गई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई। इस झूठे मुकदमे में अलग-अलग दिनों में गांव के तीन अन्य लोगों लवकुश, रवि और रामू को जेल भेजा गया। यह मेरे रिश्ते में चाचा हैं। पीड़ित गांव की अच्छी लड़की थी, जिससे मेरी दोस्ती थी। मुलाकात के साथ मेरी और उसकी कभी-कभी फोन पर भी बात होती थी। लेकिन हमारी दोस्ती उसके परिवार वालों को पसंद नहीं थी।’’

मां और भाई ने मारा-पीटा :- संदीप ने लिखा- ‘‘घटना के दिन उसकी और मेरी खेत पर मुलाकात हुई थी। उसके साथ मां और भाई भी थे। उनके कहने पर मैं अपने घर चला गया और पिताजी के साथ पशुओं को पानी पिलाने लगा। बाद में मुझे गांव वालों से पता चला कि मेरी दोस्ती को लेकर लड़की को उसकी मां और भाई ने मारा-पीटा था, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं, जिससे बाद में वह मर गई। मैंने कभी पीड़िता के साथ मारपीट और गलत काम नहीं किया। मामले में लड़की की मां और भाई ने मुझे और तीन अन्य लोगों को झूठे आरोप में फंसाकर जेल भिजवा दिया। हम सभी लोग निर्दोष हैं। कृपया, मामले की जांच कराकर हमें न्याय दिलाने की कृपा करें।’’

जान को खतरा :- इस बीच, आरोपियों के परिजनों ने जेल में बंद अपने लड़कों की जान को खतरा बताया। उनका कहना है कि हमारे बच्चे जेल में सुरक्षित नहीं हैं।

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