लखनऊ यूनिवर्सिटी की छात्रा शालिनी शर्मा का लखनऊ टू न्यूयोर्क तक का सफर

तंत्र और पारितंत्र अर्थव्यवस्था के मॉडल के लिए यह विशिष्ट स्थान दिया गया है

By: Pragati Tiwari

Published: 25 Sep 2021, 07:53 PM IST

लखनऊ. संशोधन इ वेस्ट कंपनी की फाउंडर शालिनी शर्मा shalini sharma को न्यूयोर्क newyork की दीवार पर में जगह दी गयी है इन्होने ई वेस्ट एक्सचेंज में बहुत काम किया है। न्यूयोर्क की दीवार नेशनल एसोसिएशन ऑफ सिक्योरिटीज डीलर्स ऑटोमेटेड कोटेशन NASDAQ यह न्यूयोर्क की दीवार है जिसमे उन लोगो के नाम या तस्वीर आती है जो स्टॉक चेंज करते हैं। इस दीवार पर नवाबों के शहर की शालिनी शर्मा को जगह मिली है।

क्यों दी गयी है जगह - इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उद्योग क्षेत्र के लिए इनको तंत्र और पारितंत्र अर्थव्यवस्था के मॉडल के लिए यह विशिष्ट स्थान दिया गया है इन्होने इ वेस्ट कचरा पर बहुत काम किया है इन्होने एयर पलुसन पर बहुत काम किया है
जिसके द्वारा बहुत सा इ कचरा भारत से ले जाकर उसे रिसायकिल करके उसे नए मॉडलों में बदला जाता है। इन्होने लखनऊ यूनिवर्सिटी से एन्वायरमेंटल साइंस से मास्टर्स किया है बाद में इन्होने फिलोसॉफी और एन्वायरमेंट में पीएचडी किया है ये भारतीय मूल की रहने वाली है।

क्या होता है इ वेस्ट - घरों और उद्योगों में जिन इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों को इस्तेमाल के बाद फेंक देते है वहीं बेकार फेंका हुआ कचरा इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (ई-वेस्ट) कहलाता है। इस इ वेस्ट को फिर से उपोग करना ही इ वेस्ट रीसायकल e waste recycle है।

शालिनी शर्मा को न्यूयोर्क की दीवार पर जगह दिया जाना भारत के लिए गौरव का विषय है जिससे यह पता चलता है कई आज भारत की बेटियां शिखर को छू रही है और अपने देश का नाम रौशन कर रही है।

Pragati Tiwari
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