लॉकडाउन की ये हैं चर्चित प्रेम कहानियां : प्रेमिका 670 किलोमीटर पैदल चली पर प्रेमी से मिला धोखा

मथुरा से 670 किमी पैदल गोरखपुर पहुंची
और अंजाम तक पहुंची प्रेम कहानी
सात फेरे के लिए प्रेमी करेंगे लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार
अंत में प्यार की हुई जीत, मास्क पहनकर पहनाई वरमाला
यूपी पुलिस प्रेमियों की बनी दोस्त, परिजनों को समझा कराई शादियां

By: Mahendra Pratap

Published: 03 May 2020, 02:09 PM IST

लखनऊ. प्रदेश में कोरोना वायरस का हल्ला मचा हुआ है। लोग एक दूसरे के करीब आने से बच रहे हैं। लॉकडाउन मतलब तालाबंदी। पर इस तालाबंदी में तमाम बंदिशों को तोड़कर प्रेमियों ने मिलन की जुगत कर ही ली है। अंजाम की परवाह किए बिना अपने कन्हैया की याद में कन्हैया की नगरी से 670 किलोमीटर पैदल ही गोरखपुर अकेले चले आना हो, या फिर इन तीन जोड़े प्रेमियों की कुछ मिलती जुलती प्रेम कहानियां हों। जिसमें परिवार की बंदिशों और लॉकडाउन को ठेंगा दिखा कर शादी के लिए ये तीनों जोड़े अपने-अपने घर से भाग गए, घरवालों ने जबदस्त नाराजगी जताई, जब बात नहीं बनी तो प्रेमियों ने यूपी पुलिस का दरवाजा खटखटाया। पुलिस इनके लिए दोस्त बन कर आई। इन प्रेमियों की जिद को देखते हुए पुलिस ने घरवालों से बात की, उन्हें समझाया, अंत में मास्क पहनवा कर एक दूसरे को वरमाला पहनवाई गई।

मथुरा से 670 किमी पैदल गोरखपुर पहुंची :- कोरोना संक्रमण का खौफ और लॉकडाउन भी प्रेम के दीवानों को नहीं रोक पाया है। मथुरा के मार्ट की रहने वाली प्रेम दीवानी युवती प्रेमी की याद में लॉकडाउन में पैदल ही गोरखपुर के लिए चल निकली। 670 किमी का सफर तय कर जब युवती गोरखपुर पहुंची तो अपने प्रेमी को ढूंढ़ने लगी। 26 अप्रैल की रात में मोहदीपुर में युवती को भटकते देख एक सिपाही ने पूछताछ की। कहानी सुन सिपाही हैरान हो गया। चौकी इंचार्ज को पूरे मामले की जानकारी दी और स्वयं सेवी संस्था मातृछाया को उस लड़की को सुपुर्द कर दिया। मातृछाया चैरिटेबल फाउंडेशन के आलोक त्रिपाठी ने बताया कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही उसे संस्था लाया गया।

युवती ने बताया कि ढाई साल पहले गोरखपुर का सूरज उसके घर के पास पेंट-पॉलिश का काम करता था। उसी समय से हम दोनों संपर्क में है। चार महीने पहले वह वापस आ गया। फिर क्या था उसकी तलाश में चार दिन पहले घर छोड़ दिया। और पैदल ही गोरखपुर पहुंच गई। यहां पर उसके मोबाइल पर फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। चौकी इंचार्ज ने जब कथित प्रेमी को फोन किया तो युवक घबरा गया। उसने अपना नाम सूरज बताया। तब से फोन स्विच ऑफ आ रहा है। कहानी अधूरी है। अब इंतजार है सूरज के फोन उठाने का।

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और अंजाम तक पहुंची प्रेम कहानी :- कानपुर के चकेरी स्थित अहरिवां चौकी में 18 अप्रैल से युवती अपने प्रेमी के घर रह रही थी। लड़की के घरवालों ने पुलिस से गुहार लगाई। पुलिस ने पूर मामले की जानकारी हासिल की। जब प्रेम-प्रसंग के बारे में पता चला तो पुलिस ने पहले तो प्रेमी जोड़े के स्वजनों को राजी किया। उसके बाद सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए चौकी के अंदर ही उनका विवाह कराया। लॉकडाउन के कारण आयोजनों पर लगी रोक के चलते पुलिस ने थाने में ही इस जोड़े की शादी भी करा दी। दोनों के परिजन ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नवविवाहत जोड़े को आशीर्वाद दिया। अहिरवां चौकी प्रभारी विजय शुक्ला ने बताया कि बीबीपुर निवासी प्रमोद उर्फ गोलू का इलाके में रहने वाली बेटी तन्नू (20 वर्ष) उर्फ तान्या के साथ प्रेम-संबंध थे। लॉकडाउन में 18 अप्रैल को युवती अपने प्रेमी के घर रहने चली गई। जांच में पता चला कि दोनों बालिग हैं और एक-दूसरे से प्रेम करते है। फिर क्या था परिजनों को समझाया और वो मान गए।

सात फेरे के लिए प्रेमी करेंगे लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार :- यह प्रेम कहानी देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र की है। एक ही गांव के युवक और युवती का आपस में प्रेम हो गया। मार्च में दोनों प्रेमियों ने घर को छोड़ दिया और उत्तराखंड चले गए। लॉकडाउन में किसी तरह दोनों कभी पैदल तो कभी किसी की मदद से देवरिया पहुंचे। युवती अपनी बहन के घर रहने लगी, 20 दिन रहने के बाद जब बहन ने इसमें मदद देने से इनकार कर दिया तो उसने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कोतवाली में दोनों के परिजनों को बुलाया और बात की, समस्या का समाधान निकाला आया। दोनों के परिजन दोनों प्रेमियों की शादी पर सहमत हो गए पर ये शादी अब लॉकडाउन के बाद ही होगी। युवती ने अपने दर्द को बयां किया, घर से निकलकर हम दोनों उत्तराखंड चले गए। लॉकडाउन में पैदल किसी तरह देवरिया पहुंचे। मेरा साथी अपने गांव चला गया। कोतवाली पुलिस का कहना है कि रुद्रपुर पुलिस ने लड़की को मां के साथ घर भेज दिया है।

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अंत में प्यार की हुई जीत, मास्क पहनकर पहनाई वरमाला :- प्यार के सामने किसी का जोर नहीं चलता, इसकी बानगी 10 अप्रैल को देखने को मिली। जब प्रेमी युगल ने एक दूजे की होने की ठानी तो परिवार की बंदिशें और लॉकडाउन भी बेअसर हो गया। मामला मथुरा के कस्बा और थाना सुरीर क्षेत्र का है। कस्बा निवासी विजय कुमार (21 वर्ष) को हाथरस जिले के गांव बैहंटा की खुशबू (19 वर्ष) से प्रेम था। विरोध के बावजूद दोनों ने शादी करने की ठान ली। प्रेमी विजय से मिलने युवती घर से पैदल ही मथुरा को निकल गई। हाथरस पहुंचने पर उसने फोन किया, जिसके बाद विजय बाइक से हाथरस पहुंचा और अपने घर ले आया। शादी पर एतराज होने पर थाना सुरीर पहुंच गए और मदद मांगी। एसएचओ सुरीर ने परिजनों राजी किया और अंत में प्यार की जीत हुई। मंदिर में प्रेमी युगल ने लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए पहले मास्क पहना और फिर एक दूसरे को वरमाला पहनाई।
लॉकडाउन में इस प्रेम कहानी एसएचओ सुरीर रामपाल भाटी ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। दोनों के परिजनों को बुलाया गया, समझाया गया कि दोनों बालिग हैं, इसके बाद कस्बे मंदिर में दोनों ने एक दूसरे को मास्क पहनकर माला पहनाई।

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