विदेशी कम्पनियों को यूपी में निवेश के लिए रिझा रहे हैं योगी, लॉकडाउन हटते ही बड़े पैमाने पर शुरू हो जाएंगी नई भर्तियां

योगी सरकार का जोर अब नौकरियों पर
गोरखपुर खाद कारखाना में हजारों को रोजगार की तैयारियां
जापान से पहुंची यूरिया रिएक्टर व कारपोरेट कंडेंसर मशीनें
नोएडा में भी सैंमसंग में काम शुरू, 3000 वर्कर लौटे फैक्ट्री में।
अभी तक डेढ़ लाख पदों पर भर्ती अटकी
उत्तर प्रदेश में 38 श्रम कानून अस्थाई रुप से खत्म

By: Mahendra Pratap

Published: 08 May 2020, 03:51 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन का 45वां दिन पूरा हो चुका है। नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में रोजगार को लेकर बैचेनी है। मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं की इस बैचेनी को समझते हुए नई भर्तियों की तैयारियां शुरू की है। सभी सरकारी विभागों के विभागाध्यक्ष को यह आदेश दिया गया है कि वह अपने-अपने विभाग में समूह 'घ' तक के रिक्त पदों को खंगाले और उनकी एक रिपोर्ट बनाकर भेजें। जिस यह पता चल सकें कि यूपी सरकार कितने बेरोजगारों को रोजगार दे सकती है। इसके साथ ही प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके इसके लिए योगी सरकार और उनकी टीम 11 विदेशी कम्पनियों लुभावना प्रस्ताव दे रही है। चीन से पलायन करने वाली अमेरिकी, जापानी और शुक्रवार को यूरोपियन कम्पनियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की है। और यह वादा किया है कि यूपी में निवेश करने की सभी सुविधाएं उपलब्ध की जाएगी और साथ ही इन देशी-विदेशी कम्पनियों को श्रम कानून के नियमों से ढील प्रदान की जाएगी। इसी को देखते हुए यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश में लागू 38 श्रम कानून में तीन वर्ष तक के लिए अस्थाई छूट प्रदान की है।

उत्तर प्रदेश में रोजगार की संभवनाओं की नए सिरे से तलाश करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक मुकुल सिंघल ने शुक्रवार को इस संबंध में विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई और इस पर मंथन किया गया। इसके बाद कार्मिक विभाग ने सरकारी विभागों में समूह 'घ' तक के पदों का ब्यौरा जुटाने के लिए सभी विभागों के प्रमुख सचिव व सचिव को पत्र भेजकर रिक्तियों के बारे में जानकारी मांगी है। इसमें राज्य सरकार के अधीन सभी विभागों में समूह 'क', 'ख', 'ग' व 'घ' के पदों के बारे में पूरी जानकारी मांगी गई है। इसमें पूछा गया है कि उनके यहां इस संवर्ग में कितने पद सृजित हैं और इसमें कितने भरे और खाली हैं।

पदों की मांगी जानकारी :- अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक ने मुकुल सिंघल ने कहा कि किस विभाग में कितने पद हैं और इसमें से कितने खाली हैं, इसकी जानकारी एकत्र की जा रही है। कार्मिक विभाग के पास इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसीलिए विभागों की बैठक बुलाकर इसके बारे में जानकारी मांगी गई है।

अभी तक डेढ़ लाख पदों पर भर्ती अटकी :- लोक सेवा आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग, बेसिक शिक्षा परिषद की 11 भर्तियों में करीब डेढ़ लाख पदों पर अभी भर्ती की प्रक्रिया लटकी हुई है। किसी में अभी परिणाम नहीं आया है तो किसी में मामला अभी कोर्ट में अटका है। इनमें से प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक भर्ती- 69000 पद का फैसला हो गया है। जिसमें संभवत तीन हफ्ते में सभी को नौकरी मिल जाए। पर बाकी करीब 95 हजार पदों पर अभी फंसें हुए हैं।

अमेरिकी, जापानी, और यूरोपियन कम्पनियों को लुभा रहे योगी :- यूपी सरकार ऐसी कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने में जुट गई है जो इस वक्त अपना कारोबार समेट कर किसी दूसरे कार्यस्थल की तलाश में हैं। अमेरिकी, जापानी, और यूरोपियन कम्पनियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से वार्ता कर उन्हें प्रदेश में दी जाने वाली सुविधाओं और अन्य दूसरी सुविधाएं देने का वादा किया है। इसके लिए सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग ने पहल शुरू कर दी है। एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को भारत में जापान के राजदूत संतोषी सुजुकी तथा उनके काउंसलर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वार्ता कर यूपी में निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक, लॉजिस्टिक, फूड प्रोसेसिंग आदि की नीतियों के बारे में जानकारी दी है।

जापानी कंपनियों के लिए राज्य सरकार औद्योगिक आस्थान की तर्ज पर अलग जैपनीज आस्थान विकसित करेगी। जिससे सभी जापानी कंपनियां एक ही जगह अपना उद्यम स्थापित कर सके। यह निवेश करने वाली कंपनियों और जापान से आने वाले लोगों के लिए उनके अनुकूल माहौल देने के लिए इको सिस्टम तैयार किया जाएगा। जैपनीज स्टेट में काम करने वाले जापानी लोगों के बच्चों के लिए स्कूल ऑडिटोरियम गोल्फ कोर्स व अन्य आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

नोएडा में सैमसंग का काम शुरू :- लॉकडाउन के तीसरे चरण में उद्योगों को राहत मिलने लगी है। गौतमबुद्ध नगर में भी 1000 से ज्यादा कंपनियों को मंजूरी मिल गई है। इनमें से नोएडा में 620 और ग्रेटर नोएडा में 417 कंपनियों को काम शुरू करने की अनुमति मिली है। शुक्रवार को यूपी के शोविंडो नोएडा के सेक्टर-81 में सैमसंग कंपनी की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में तीन हजार कर्मचारियों के साथ काम दोबारा शुरू हो गया है। कर्मचारियों को बसों से कंपनी तक लाया गया। इस यूनिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने किया था। यह यूनिट 35 एकड़ में बनी हुई है।

बहुरेंगे खाद कारखानें व पूर्वांचल के दिन :- गोरखपुर खाद कारखाना चालू होने की उम्मीद पाले लाखों किसानों और मजदूरों के सपने को पंख लगने जा रहे हैं। महीनों के लंबे इंतजार के बाद जापान से मंगाई गई यूरिया रिएक्टर व कारपोरेट कंडेंसर मशीन शुक्रवार को गोरखपुर की सीमा में पहुंच गई। छपरा डोरीगंज गोपालगंज कुशीनागर हाटा होते हुए जिस भी रास्ते से ये मशीन गुजर रही यहां के युवाओं को इसमें अपना भविष्य दिख रहा है। खाद कारखाना शुरू होने से यहां बड़ी मात्रा में रोजगार के अवसर विकसित होंगे। यह मशीन नवंबर 2019 में जलमार्ग से गुजरात पोर्ट पहुंची थी। गोरखपुर खाद फर्टिलाइजर से जुड़े बड़े अधिकारी सुबोध दीक्षित ने बताया की हिन्‍दुस्‍तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) का खाद कारखाना फरवरी 2021 में शुरू करने का लक्ष्य है। यह कारखाना पूर्वांचल भर को बड़ा रोजगार देगा ऐसी उम्मीद है। उन्होंने कहा की जिस सपने के साथ इसका काम किया जा रहा है वो किसानों के साथ ही युवाओं के किये बेहतर भविष्य लाने वाला है।

उत्तर प्रदेश में 38 श्रम कानून अस्थाई रुप से खत्म :- कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन से प्रदेश सरकार का खजाना लगातार खाली हो रहा है। सरकार राजस्व को बढ़ने के लिए विदेशी कम्पनियों को रिझा रही है। विदेशी कम्पनियां प्रदेश में अपना इनवेस्ट करें इसके लिए उत्तर प्रदेश में तीन साल के लिए सारे श्रम कानून खत्म कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 38 श्रम कानून लागू हैं। इन 38 श्रम नियमों में हजार दिवस यानी तीन वर्ष तक के लिए अस्थाई छूट प्रदान की गई है। पर इस अध्यादेश में करार के साथ नौकरी करने वाले लोगों को हटाने, नौकरी के दौरान हादसे का शिकार होने और समय पर वेतन देने जैसे तीन नियमों को सख्ती से पालन किया जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मीटिंग में ‘उत्तर प्रदेश में कुछ श्रम कानूनों से अस्थायी छूट का अध्यादेश, 2020’ पारित किया गया। दी गई है। अब इस अध्यादेश को मंजूरी के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के समक्ष भेजा गया है।

Show More
Mahendra Pratap Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned