योगीराज में 'लव जेहादियों' की खैर नहीं, यूपी में सख्त लव जेहाद कानून शीघ्र

-लव जेहाद नेटवर्क पर सख्ती, गृह विभाग ने कानून विभाग को भेजा प्रस्ताव
-कानून विभाग की मंजूरी के बाद बनेगा कानून, सख्त सजा का प्रावधान

By: Mahendra Pratap

Published: 20 Nov 2020, 03:20 PM IST

लखनऊ. यूपी में लगातार लव जिहाद के मामले सामने आ रहे है। अधिकतर मामलों में लड़कियों को बहला फुसलाकर उनका धर्म परिवर्तन करा निकाह करने की घटनाएं आ रही हैं। यूपी की योगी सरकार ने इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अब अपनी कमर कस ली है। तैयारियां शुरू हो गई है। शीघ्र अति शीघ्र यूपी सरकार लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने जा रही है। गृह विभाग ने कानून विभाग को इस बाबत प्रस्ताव भेज दिया है। कानून विभाग से अनुमति मिलने के बाद लव जिहाद पर कानून बनेगा। इस कानून के बनने के बाद आरोपित को कम से कम पांच वर्ष की सजा होगी। यह गैर-जमानती अपराध होगा। साथ ही आरोपित से बड़ा जुर्माना वसूला का प्रावधान होगा। मध्य प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ कानून बन चुका है जबकि उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

लव जिहादियों की खैर नहीं : योगी

धर्म परिवर्तन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहाकि, महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन वैध नहीं है। हाईकोर्ट ने विपरीत धर्म के जोड़े की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एक याची मुस्लिम तो दूसरा हिंदू है। लड़की ने 29 जून 2020 को हिंदू धर्म स्वीकार किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद पर कहाकि, प्रदेश सरकार इस बाबत सख्त प्रावधानों वाला कानून लाएगी। और फिर ऐसी हरकत करने वालों की खैर नहीं होगी।

प्रक्रिया शुरू हो गई है, मसौदा तैयार है :- कानून मंत्री

यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहाकि, इस तरह के मुद्दे राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर रहे थे, जिन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता थी जो लोग इस तरह के काम कर रहे हैं, उन्हें नाम बदलकर शादी करने और सामाजिक समरसता को बिगाड़ने की इजाजत नहीं होगी। सरकार ने पहले ही इसे कानून के रूप में लेने की योजना बनाई थी और प्रक्रिया शुरू हो गई है। मसौदा तैयार किया गया है और जल्द ही इसे सार्वजनिक डोमेन पर रखा जाएगा।

कानून में रहेगा सख्त सजा का प्रावधान:- बताया जा रहा है कि कानून विभाग से प्रस्ताव की मंजूरी के बाद यूपी में लव जिहाद पर कानून बनने पर इसको विधानसभा सत्र में धर्म स्वातंत्रय कानून के विधेयक के रूप पेश किया जाएगा। इस कानून में आरोपितों पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज कर पांच वर्ष तक की कठोर सजा का प्रावधान होगा। शादी के लिए धर्मांतरण कराने वाले भी बच नहीं सकेंगे। जोर जबर्दस्ती या बलपूर्वक की गयी शादी, धोखे से पहचान छिपाकर की गई शादी को इस कानून के बाद रद्द माना जायेगा। और आरोपित को सख्त सजा भुगतनी होगी।

ऐसे लोगों जाएंगे जेल : मोहसिन रजा

लव जिहाद कानून का समर्थन करते हुए योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने कहाकि, यूपी में अब ये नहीं चलेगा कि मिशन की तरह लड़कियों को बहलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाए ये उन जिहादियों को कड़ा संदेश है, जो इसकी आड़ में धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, ऐसे लोगों को जेल में डालने की पूरी तैयारी है।

तीन बार फेरबदल हुआ : आदित्य नाथ मित्तल

यूपी के लॉ कमीशन चीफ जस्टिस आदित्य नाथ मित्तल ने बताया कि वर्ष 2019 में ही ड्राफ्ट सौंप दिया गया था। तब से इसमें तीन बार फेरबदल किया गया। आखिरी में सजा का प्रावधान किया गया। लॉ कमीशन ने अपनी सिफारिश में धर्मांतरण के लिए दोषी पाए जाने पर एक साल से लेकर पांच साल तक की सजा का प्रावधान किया है।

आठ प्रदेशों में धर्म परिवर्तन कानून :- देश में अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और उत्तराखंड राज्य में धर्म परिवर्तन पर लगाम लगाने वाले कानून है। सबसे पहले ओडिशा ने वर्ष 1967 में अपने राज्य में यह कानून बनाया था। यूपी अपने राज्य में इस कानून को लागू कर 9वां राज्य बन सकता है।

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