बसपा के सात बागी विधायक पार्टी से निलंबित

मायावती ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि, चुनाव में बसपा जैसे को तैसा का जवाब देने के लिए पूरी ताकत लगा देगी, भाजपा को वोट देना पड़ेगा तो भी देंगे।

By: Mahendra Pratap

Published: 29 Oct 2020, 11:25 AM IST

लखनऊ. राज्यसभा चुनाव में बुधवार को बसपा उम्मीदवार रामजी गौतम के खिलाफ प्रस्तावक बनने से इनकार करने वाले बागी चार बसपा विधायकों और तीन अन्य बसपा विधायक को गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से निलंबित कर दिया है।

मायावती ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि, चुनाव में बसपा जैसे को तैसा का जवाब देने के लिए पूरी ताकत लगा देगी, भाजपा को वोट देना पड़ेगा तो भी देंगे। जिन विधायकों को बसपा सुप्रीमो ने निलंबित किया है उनके नाम असलम राइनी ( भिनगा-श्रावस्ती), असलम अली (ढोलाना-हापुड़), मुजतबा सिद्दीकी (प्रतापपुर-इलाहाबाद), हाकिम लाल बिंद (हांडिया- प्रयागराज), हरगोविंद भार्गव (सिधौली-सीतापुर), सुषमा पटेल( मुंगरा बादशाहपुर) और वंदना सिंह-( सगड़ी-आजमगढ़) हैं।

सपा की यह हरकत भारी पड़ेगी :- बसपा में बगावत पर बीएसपी सुप्रीमो ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहाकि, हमारे सात विधायकों को तोड़ा गया है। सपा की यह हरकत भारी पड़ेगी। हमारी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से लड़ने के लिए सपा के साथ हाथ मिलाया था।

भाजपा से मिले होने का आरोप बेबुनियाद :- मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने परिवार की लड़ाई के कारण, बसपा के साथ 'गठबंधन' का अधिक लाभ नहीं ले सके। लोकसभा चुनाव के बाद सपा ने बातचीत करना बंद कर दिया था। इस वजह से हमने भी समाजवादी पार्टी से दूरी बना ली। मायावती ने कहा कि भाजपा से मिले होने का आरोप बेबुनियाद है।

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