उत्तर प्रदेश के पांच धार्मिक स्थल बनेंगे सोलर सिटी

वर्ष 2024 तक चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा उत्पादन में दक्ष बनाते हुए सोलर सिटी के तौर पर विकसित करें अफसर : ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा

By: Mahendra Pratap

Published: 26 Jun 2020, 11:44 AM IST

लखनऊ. प्रदेश की पांच मशहूर धार्मिक स्थल अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज वर्ष 2024 तक यूपी के नक्शे में सोलर सिटी के रूप में चमकेंगे। साथ ही इन धार्मिक शहरों के घरों की छतों से 669 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा। सोलर रूफ टप परियोजना के लिए केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की तरफ से क्रमश: 859 करोड़ रुपए व 473 करोड़ रुपए का अनुदान उपभोक्ताओं को देने की योजना है। दिसंबर 2017 में बनी प्रदेश की सौर ऊर्जा नीति के तहत वर्ष 2022 तक लगभग 10,700 मेगावॉट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। लक्ष्य पूरा करने की ओर यह एक बड़ा कदम है।

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की समीक्षा बैठक में ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा की दिशा में मॉडल टाउन बनाने के निर्देश दिए। तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों को वर्ष 2024 तक चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा उत्पादन में दक्ष बनाते हुए सोलर सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा।

केंद्र व राज्य सरकार से अनुदान :- श्रीकांत शर्मा ने कहा कि पांच प्रमुख महानगरों में सोलर रूफ टप परियोजना का अधिक से अधिक जनता लाभ ले सकें इसके तहत केंद्र सरकार के 859 करोड़ रुपए व राज्य सरकार के 473 करोड़ रुपए का अनुदान उपभोक्ताओं देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

सौर ऊर्जा में शहरी उपभोक्ता अहम:- श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लक्ष्य को पाने के लिए शहरी उपभोक्ताओं की अहम भूमिका हैं। शहरी उपभोक्ता अपने घरों की छतों से सौर ऊर्जा उत्पादन कर अपने बिजली बिलों में कमी ला सकते है। उन्होंने निर्देश दिया कि तय किए गए लक्ष्य के अनुरूप नेडा सभी चिह्नित किए गए पांच धार्मिक शहरों में अभियान चलाकर घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार की योजना से जोड़ें।

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