जनगणना कार्य न करने पर जाना होगा जेल, अफसर ने कहा नहीं करुंगा जनगणना चाहें मुझे निलंबित या बर्खास्त करा दें

जनगणना 2021 की तैयारियां शुरू
लखनऊ में नगर निगम ने मांगी कर्मचारियों की लिस्ट
विभागों ने न भेजने के गिनवाए कारण
हाथरस में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी का दो टूक जवाब
आप चाहें तो मुझे निलंबित या बर्खास्त करा दें

By: Mahendra Pratap

Updated: 12 Mar 2020, 12:29 PM IST

लखनऊ/हाथरस. उत्तर प्रदेश में जनगणना 2021 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जनगणना के लिए सरकारी कर्मचारियों की कार्यभार सौंपा जा रहा है। पर ढेर सारे सरकारी कर्मचारियों जनगणना ड्यूटी न करने का बहाना बना रहे हैं। शासन और प्रशासन दोनों ही सख्त हैं। लखनऊ नगर निगम ने चेतावनी जारी करते हुए कहाकि जनगणना ड्यूटी न करने पर जेल जाना पड़ेगा। पर हाथरस में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने अपने अफसर को दो टूक जवाब दिया कि मैं जनगणना संबंधी किसी कार्य को नहीं करूंगा, आप चाहें तो मुझे निलंबित या बर्खास्त करा दें।

लखनऊ में नगर निगम को नोडल विभाग बनाया गया है। नगर निगम से भी विभागों से कहा कि अपने कर्मचारियों की लिस्ट भेजें। पर तमाम विभागों ने यह सूचना भेज दी है कि जनगणना ड्यूटी में कर्मचारियों की तैनाती किया जाना संभव नहीं है और कर्मचारियों की कमी गिनवा दी। इस पर नगर निगम ने संबंधित विभागों को नोटिस जारी की है। जिसमें कहा कि बारह मार्च तक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित न करने पर नगर निगम विधिक कार्यवाही करेगा।

अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने बताया कि जनगणना 2021 का प्रथम चरण में मकान सूचीकरण, मकान गणना व एनपीआर किया जाना है। इसकी अधिसूचना दिनांक 19 नवंबर 2019 को जारी हो चुकी है। जनगणना का कार्य 16 मई से 30 जून के बीच होना है। नगर निगम को नोडल विभाग बनाया गया है लेकिन कई विभाग कई बहाने गिनाते हुए जनगणना कार्य के लिए कर्मचारियों की सूची नहीं भेज रहे हैं तो कुछ विभाग जनगणना ड्यूटी से अलग रखने का पत्र भेज रहे हैं।

तीन साल का कारावास एवं अर्थदण्ड :- राकेश कुमार यादव ने बताया कि बारह मार्च को दोपहर तीन बजे तक कर्मचारियों की सूची भेजने का अंतिम समय रखा गया है। अगर इस अवधि में कर्मचारियों की सूची नहीं आती है तो अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 में निहित प्राविधानों के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें तीन साल का कारावास एवं अर्थदण्ड शामिल है।

दो टूक जवाब :- वहीं हाथरस में जब एडीएम ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी से जनगणना सम्बंधित अपडेट लेना चाहा तो जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम लखन निषाद ने दो टूक जवाब दिया कि मेरे पास बहुत कार्य है, मैं जनगणना संबंधी किसी कार्य को नहीं करूंगा, आप चाहें तो मुझ निलंबित या बर्खास्त करा दें, किंतु मैं किसी परिस्थिति में जनगणना का काम नहीं करूंगा।
इस पर एडीएम जेपी सिंह ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जबाव तलब किया है। जिसमें कहा गया कि संतोषजनक जवाब नहीं देने की स्थिति में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय सहित अन्य उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।

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