नोटबंदी पर अखिलेश यादव का व्यंग्य, न कालाधन का हिसाब, न खाते में ‘पंद्रह लाख’ जनता देगी इन्हें जवाब

समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने कहाकि, ‘नोटबंदी’ के चार साल, नक़ली नोट हैं बरक़रार, बढ़ा घोटाला-भ्रष्टाचार, काला लेनदेन बेहिसाब है। उन्होंने कहा कि नोट बंदी से कुछ फर्क नहीं पड़ा है।

By: Mahendra Pratap

Published: 09 Nov 2020, 12:21 PM IST

लखनऊ. नोटबंदी को आठ नवम्बर को चार साल पूरे हो गए। नोटबंदी पर भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार पर व्यंग्य करते हुए समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने कहाकि, ‘नोटबंदी’ के चार साल, नक़ली नोट हैं बरक़रार, बढ़ा घोटाला-भ्रष्टाचार, काला लेनदेन बेहिसाब है। उन्होंने कहा कि नोट बंदी से कुछ फर्क नहीं पड़ा है।

नोटबंदी की चौथी सालगिरह के मौके पर रविार को समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने अपने ट्विट के जरिए अपने अंदर की भड़ास को निकलते हुए कहाकि, ‘नोटबंदी’ के चार साल नक़ली नोट हैं बरक़रार, बढ़ा घोटाला-भ्रष्टाचार। काला लेनदेन बेहिसाब, न कालाधन का हिसाब न खाते में ‘पंद्रह लाख’ जनता देगी इन्हें जवाब।

8 नवंबर को नोटबंदी के पूरे चार साल हो गए। चौथी सालगिरह मनाई गई। जहां विपक्ष लगातार नोटबंदी को सरकार का गलत फैसला ठहराता आया है वहीं सरकार का मानना है कि नोटबंदी का सकारात्मक असर रहा। हालांकि, जिस उम्मीद के साथ सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया था, उतने बेहतर परिणाम नहीं मिले।

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