राम मंदिर निर्माण : भाजपा की रामत्व के बहाने वोट बैंक सहेजने की कवायद

-अंडमान से अरुणाचल तक बांटेंगे राम का साहित्य, हर घर से लेगा चंदा
-दुनिया का सबसे बड़ा प्रचार अभियान चलाएगा मंदिर ट्रस्ट

By: Mahendra Pratap

Updated: 18 Dec 2020, 04:24 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. भारतीय जनता पार्टी विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वंय संघ के सहारे पूरे देश में रामत्व के बहाने अपना जनाधार बढ़ाने का काम करेगी। अयोध्या में बन रहे भव्य राममंदिर के लिए धन संग्रह अभियान को दुनिया के सबसे बड़े प्रचार अभियान की कार्ययोजना बन चुकी है। इस काम को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा गया है। मकर संक्रांति, 15 जनवरी यह काम शुरू हो जाएगा। मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह के साथ ही ट्रस्ट देश की वर्तमान पीढ़ी को मंदिर के इतिहास की सच्चाइयों से अवगत कराएगी। 10, 100 और 1000 रुपए के कूपन के साथ आर्थिक मदद ली जाएगी और चार लाख गांवों के 11 परिवारों से संपर्क साधा जाएगा। ट्रस्ट के इस काम में विहिप, संघ और भाजपा के कार्यकर्ता सहयोग करेंगे।

भावी पीढ़ी को बताएंगे सच्चाइयां

शुक्रवार को लखनऊ में राममंदिर निर्माण में हुई प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए चंपत राय ने कहाकि, भारत वर्ष की वर्तमान पीढ़ी को मंदिर के इतिहास की सच्चाइयों से अवगत कराया जाएगा। देश की कम से कम आधी आबादी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की ऐतिहासिक सच्चाई से अवगत कराने के चारों कोने में घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान निकोबार, रणकच्छ, त्रिपुरा में भी राम जन्मभूमि के बारे में पढऩे के लिए साहित्य बांटा जाएगा।

रामलला मंदिर का अद्भुत नक्शा

रामलला मंदिर के नक्शे के बारे में चंपत राय ने बताया कि तीन मंजिला मंदिर पत्थरों से बनेगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फ़ीट होगी, मंदिर की लंबाई 360 फ़ीट तथा चौड़ाई 235 फ़ीट है, भूतल से 16.5 फ़ीट ऊंचा मंदिर का फ़र्श बनेगा, भूतल से गर्भ गृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट होगी।

राम मंदिर के नींव पर सफाई

नींव का काम रुक जाने के बारे में सफाई देते हुए चंपत राय ने कहाकि, धरती के नीचे 200 फीट गहराई तक मृदा परीक्षण तथा भविष्य के सम्भावित भूकम्प के प्रभाव का अध्ययन हुआ है। ज़मीन के नीचे 200 फीट तक भुरभुरी बालू पायी गयी हैं। गर्भगृह के पश्चिम में कुछ दूरी पर ही सरयू नदी का प्रवाह है। इस भौगोलिक परिस्थिति में 1000 वर्ष आयु वाले पत्थरों के मन्दिर का भार सहन कर सकने वाली मज़बूत व टिकाऊ नींव की ड्राइंग पर आइआइटी मुंबई, आइआइटी दिल्ली, आइआइटी चेन्नई, आइआइटी गुवाहाटी, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की, लार्सन टूब्रो व टाटा के इंजीनियर आपस में परामर्श कर रहे हैं। बहुत शीघ्र नींव का प्रारूप तैयार होकर नींव निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा।

सर्वोच्च अदालत के आदेश पर ट्रस्ट गठित

चंपत राय ने बताया कि सर्वोच्च अदालत के निर्देश पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट गठित हुआ है। 5 अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के लिए पूजन किया था। मंदिर के वास्तु की जिम्मेदारी अहमदाबाद के चंद्रकान्त सोमपुरा के पास है। लार्सन एंड टुब्रो कम्पनी मंदिर निर्माण का कार्य कर रही है जबकि निर्माता कंपनी के सलाहकार के रूप में ट्रस्ट ने टाटा कंसल्टेंट इंजीनियर्स को चुना है।

BJP
Show More
Mahendra Pratap Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned