राम वन गमन पथ को मिले और साढ़े चार अरब रुपए, जानिए किसने दिए ये रुपए

काम में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने राम वन गमन पथ मार्ग का बजट दोगुना कर दिया है। अब राम वन गमन पथ का कुल बजट 882 करोड़ रुपए हो गया है।

By: Mahendra Pratap

Published: 05 Sep 2020, 04:23 PM IST

लखनऊ. राम मंदिर निर्माण का भूमिपूजन और शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त को किया था। जिसके बाद मंदिर निर्माण ने गति पकड़ ली है। पर लगता है कि रामलला के मंदिर से पहले ही राम वन गमन पथ तैयार हो जाएगा। यूपी व केंद्र सरकार की मंशा कुछ ऐसा ही दर्शाती है। काम में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार ने राम वन गमन पथ मार्ग का बजट दोगुना कर दिया है। अब राम वन गमन पथ का कुल बजट 882 करोड़ रुपए हो गया है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 2 सितंबर को अयोध्या राम मंदिर को जोड़ने वाले राम वन गमन पथ परियोजना का बजट दोगुना करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राम वन गमन पथ के विकास के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 430 करोड़ रुपए आवंटित किया गया था। जिसमें अब 452 करोड़ रुपए की अतिरिक्त धनराशि को मंजूरी दे दी गई है। इस प्रकार अब राम वन गमन पथ परियोजना का कुल बजट 882 करोड़ रुपए हो गया है।

यूपी के एनएचएआई अफसर को मिली सूचना:- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस निर्णय के बाद मैहर चित्रकूट अयोध्या तक 4 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण व भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों का विकास तेजी से होगा। सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से एनएचएआई के लखनऊ स्थित स्थित क्षेत्रीय अधिकारी जोन-1 के चीफ इंजीनियर को आधिकारिक ज्ञापन जारी कर दिया गया है।

धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में चमकेंगे :- मंत्रालय के अधिकारी ने बताया राम वन गमन पथ के विकास का काम तेज कर दिया गया है। अयोध्या से चित्रकूट मैहर तक 375 किलोमीटर राम वन गमन पथ को मंदिर से पहले पूरा करने कोशिश की जाएगी। अयोध्या से चित्रकूट तक श्रीराम से जुड़े सभी स्थानों व आश्रमों जहां वह ठहरे थे उन सभी को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

प्रदेश में पांच स्थान :- केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने वर्ष 2015 में इस पथ के निर्माण का ऐलान किया था। इस पथ में पूरे देश में कुल 20 स्थान चिन्ह्ति किए गए थे। राम वन गमन पथ का उत्तर प्रदेश में पांच, मध्य प्रदेश में तीन, छत्तीसगढ़ में दो, महाराष्ट्र में तीन, आंध्रा में 2, केरल में एक, कर्नाटका में एक, तमिलनाडु में दो और एक स्थल श्रीलंका में इस तरह से ऐतिहासिक महत्व के कुल 20 धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए।

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