यूपी के हर ज़िले में सात दिसम्बर से समाजवादी पार्टी निकालेगी किसान यात्रा

समाजवादी पार्टी आगामी सात दिसम्बर से उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में 'किसान यात्रा' निकालेगी। 'किसानों की आय बढ़ाओ और खेती-किसानी बचाओ' का नारा इस किसान यात्रा में गूंजेगा।

By: Mahendra Pratap

Published: 04 Dec 2020, 03:17 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. समाजवादी पार्टी आगामी सात दिसम्बर से उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में 'किसान यात्रा' निकालेगी। 'किसानों की आय बढ़ाओ और खेती-किसानी बचाओ' का नारा इस किसान यात्रा में गूंजेगा। नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ और किसान आंदोलन के पक्ष में समाजवादी पार्टी की यह किसान यात्रा यूपी के 75 जिलों की जनता को भाजपा सरकार का किसानों के प्रति रवैया बताएगी।

सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि आगामी सात दिसम्बर से यूपी के हर जिले में किसान यात्रा निकाली जाएगी। इन किसान यात्राओं में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी पैदल, साइकिल, मोटरसाइकिल आदि वाहनों से शामिल होंगे।

किसानों को बंधुआ बनाने की तैयारी :- राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि किसान यात्रा में कृषि सम्बन्धी तीन नये काले कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। भाजपा सरकार इन कानूनों को लेकर उनकी चिंताओं को दूर करने में अब तक नाकाम ही रही है। इन कानूनों के प्रावधानों से जाहिर है कि वे किसानों को बंधुआ बनाने के लिए ही बनाए गए हैं।

32 साल पहले दिल्ली में कुछ ऐसा ही नजारा था :- महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में 25 अक्टूबर 1988 को दिल्ली के बोट क्लब में किसानों की रैली हुई थी। 32 साल पहले दिल्ली में कुछ ऐसा ही नजारा था। तब पूरे देश के किसान दिल्ली आकर बोट क्लब में एकत्र हुए थे। 5 लाख किसानों का नेतृत्व किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत कर रहे थे। सात दिन बाद राजीव गांधी सरकार के हथियार डाल देने के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ था।माहौल तो कुछ कुछ इस बार भी ऐसा ही बना है। खाना भी बन रहा है, हुक्का भी गुड़गुड़ाया जा रहा है पर किसान आंदोलन में टिकैत जैसा जोश नहीं दिख रहा है। विपक्षी पार्टियां इससे बेहद परेशान हैं।

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