लखनऊ यूनिवर्सिटी में शुरू होगी लेक्चर सीरीज, ओपन डिस्कशन के जरिए स्टूडेंट्स जानेंगे बड़े मुद्दे

लखनऊ यूनिवर्सिटी में जल्द ही सोशल इश्यूज को लेकर लेक्चर सीरीज शुरू की जाएगी।

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Updated: 22 Aug 2017, 03:25 PM IST

लखनऊ. लखनऊ यूनिवर्सिटी में जल्द ही सोशल इश्यूज को लेकर लेक्चर सीरीज शुरू की जाएगी। इस सीरीज में दुनिया भर के बड़े मुद्दों पर डिस्कशन होगा। इसके अलावा समाचार में रोजाना चाहे बड़े मुद्दों को लेकर भी प्रोफेसर जानकारी देंगे। एलयू वीसी प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि हर सप्ताह शनिवार को इसका आयोजन किया जाएगा।

यूनिवर्सिटी के एपी सेन हॉल में ये लेक्चर प्रत्येक शनिवार को होगा। इसमें जीएसटी, बॉर्डर समस्या, बाढ़ आदि से संबंधित सभी चर्चित टॉपिक्स पर लेक्चर दिए जाएंगे जिसमें उस फील्ड के जानकारों को भी बुलाया जाएगा। वीसी एसपी सिंह ने बताया कि जैसे कुछ स्टूडेंट्स इंग्लिश डिपार्टमेंट के हैं लेकिन अगर उनकी दिलचस्पी जीएसटी से संबंधित जानकारी इकट्ठा करने में है तो वह इस लेक्चर को अटैंड कर सकते हैं। 26 अगस्त को पहले लेक्चर में भारत-चीन के बीच तनाव स्थिति को लेकर होगा। इसमें सेना से संबंधित अधिकारी को बुलाने का प्रयास भी किया जा रहा है।

वहीं एलयू में रिसर्च प्रपोजल स्कीम की शुरुआत भी दी है। इसके तहत यूनिवर्सिटी के जिन शिक्षक व रिसर्च स्कॉलरों का जर्नल में पेपर प्रकाशित होगा उन्हें प्रतिपेपर 1100 रुपये पुरस्कार विवि देगा। हालांकि शिक्षक एक ही पेपर के लिए आवेदन कर सकते हैं जबकि स्कॉलरों के जितने पेपर छपेंगे उतना ग्रांट उन्हें मिलेगा। इसके लिए 15 सितंबर तक सभी को विवि के आईक्यूएसी सेल में आवेदन करना होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. राजीव मनोहर ने बताया कि 31 जून तक जिन स्कॉलर या प्रोफेसर का रिसर्च पेपर प्रकाशित हुआ है वह आवेदन कर सकेंगे। स्कॉलर के लिए जर्नल नेशनल लेवल का हो जबकि शिक्षकों के लिए इंटरनैशनल लेवल को यूजीसी की सूची में दर्ज होना चाहिए। स्कॉलर अपने हेड से एप्न्लीकेशन फारवर्ड कराकर साथ में रिसर्च पेपर की कॉपी और जिस जर्नल में प्रकाशित है उसका यूजीसी में कहा पर दर्ज है ये ब्योरा आईक्यूएसी में दें। इसके बाद हमारी एक कमिटी है वो इसकी जांच करेगी कि सभी पेपर मानकों को पूरा करते हैं या नहीं। इसके बाद जो इसके पात्र होंगे उनकी सूची जारी कर दी जाएगी।

वहीं इस दौरान प्रॉक्टर विनोद सिंह ने बताया कि जो

विश्वविद्यालय प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई यहां तक की नोटिस तक नहीं दे पाता। क्योंकि वह कार्रवाई सिर्फ उन्हीं पर कर सकता है जो उसके यहां पढ़ाई कर रहे हों। अब लविवि प्रशासन कैंपस में शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए इन पूर्व छात्रों की डिग्री रद करेगा। इसके लिए अनुशासन के नियमों में बदलाव किया जाएगा।

चीफ प्राक्टर प्रो. विनोद सिंह ने बताया कि जल्द अनुशासन के लिए नए नियम बनाए जाएंगे। इसमें यूनिवर्सिटी में हंगामा करने के दौरान पूर्व छात्र जो उपद्रव में शामिल मिलेंगे उनकी डिग्री रद करने की सिफारिश की जाएगी। उनके मुताबिक अभी बड़ी संख्या में ऐसे उपद्रवी छात्र जो घटनाओं में शामिल पाए जाते हैं उन पर शिकंजा नहीं कस पाता क्योंकि वह विश्वविद्यालय से पढ़ाई करके निकल चुके होते हैं।

 

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