यूपी विधानसभा उपचुनाव 2020 : आठ नहीं सात सीटों पर होगा तीन नवम्बर को विधानसभा उपचुनाव, दस को आएगा नतीजा

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर तीन नवम्बर को उपचुनाव करने का ऐलान किया है। सिर्फ एक विधानसभा सीट रामपुर की स्वार सीट पर अभी चुनाव नहीं होंगे।

By: Mahendra Pratap

Updated: 29 Sep 2020, 03:37 PM IST

लखनऊ. आखिरकार राजनीतिक पार्टियों का इंतजार खत्म हो गया। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों पर तीन नवम्बर को उपचुनाव करने का ऐलान किया है। सिर्फ एक विधानसभा सीट रामपुर की स्वार सीट पर अभी चुनाव नहीं होंगे। यूपी की रिक्त आठ विधानसभा सीटों में से पांच सीटें निर्वाचित विधायकों की मृत्यु की वजह से रिक्त हैं। विधायक कमल रानी वरुण, पारसनाथ यादव, वीरेंद्र सिरोही, जन्मेजय सिंह, चेतन चौहान का निधन इस वर्ष ही हुआ है। बंगारमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर रेप मामले में उम्रकैद की काट रहे हैं। जिसके चलते उनकी विधायकी निरस्त की गई है। फिरोजाबाद की टूंडला विधानसभा सीट एसपी सिंह बघेल के सांसद बनने के बाद से खाली है। सात में से छह पर भाजपा का कब्जा है। दूसरे इन सात विधानसभा से चुनाव जीत कर आए विधायकों को सिर्फ डेढ़ साल की विधायकी का मौका मिलेगा।

मल्हनी सीट पर कब्जा भाजपा का सपना :- चुनाव आयोग की घोषणा के बाद यूपी में जिन सात सीटों पर उपचुनाव होने जा रहा हैं। इनमें से छह सीटों पर भाजपा का कमल खिला हुआ था। पर वर्ष 2012 में जौनपुर की मल्हनी सीट अस्तित्व में आई थी। तब से इस विधानसभा चुनाव सीट पर अब तक दो बार चुनाव हुए हैं और दोनों ही बार समाजवादी पार्टी का परचम लहराया है। यह सीट सपा विधायक पारसनाथ यादव के निधन से खाली हुई है। इस सीट पर कमल खिलाना भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

उपचुनाव है सेमीफाइनल :- यूपी में योगी सरकार का कार्यकाल अपने साढ़े तीन साल पूरे कर चुका है। और वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। उससे पहले इन सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा के साथ ही प्रदेश की दूसरी अन्य सभी विपक्षी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है। भाजपा के सामने न सिर्फ अपनी छह जीती विधानसभा सीटों पर अपना कब्जा बनाए जरूरी है वहीं मल्हनी को भी जीतकर जनता में यह संदेश देना है कि हमारी लोकप्रियता बरकरार है।

रिक्त सीटों का ब्योरा :- वर्ष 2017 में जीती 6 सीटों में से एक पर कुलदीप सिंह सेंगर को रेप मामले में उम्र कैद की सजा होने के बाद जेल जाने से खाली हुई उन्नाव की बांगरमऊ, डॉ. एसपी सिंह बघेल के सांसद बनने से रिक्त हुई फिरोजाबाद की टूंडला, जनमेजय सिंह के निधन से देवरिया, चेतन चौहान के निधन से अमरोहा की नौगांव सादात, कमलरानी वरुण की मृत्‍यु के कारण कानपुर की घाटमपुर और वीरेंद्र सिंह सिरोही बुलंदशहर सीट रिक्‍त हुई हैं।

इस वजह से नहीं हुआ उपचुनाव :- रामपुर के स्वार सीट से गलत दस्तावेज लगाने पर सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम खां की सदस्यता जा चुकी है। छह साल तक चुनाव न लड़ने पर रोक लगाने की शिकायत अब्दुल्लाह आजम ने राष्ट्रपति से की है। बताया जा रहा है कि जब तक राष्ट्रपति के पास इस मामले में सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक चुनाव नहीं कराया जा सकता है। अब्दुल्ला आजम के संबंध में उत्तर प्रदेश विधान सभा सचिवालय ने बीते गुरुवार को राष्ट्रपति को पत्र लिखा था।

टूंडला (फिरोजाबाद)
बांगरमऊ (उन्नाव)
बुलंदशहर सदर (बुलंदशहर)
देवरिया सदर (देवरिया)
घाटमपुर (कानपुर)
नौगवां सादात (अमरोहा)
मल्हनी (जौनपुर)

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