यूपी विधानसभा मॉनसून सत्र में सोशल डिस्टेंसिंग बना रोड़ा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हो सकता है बड़ा उपाय

-यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि मानसून सत्र की बैठक बुलाने के लिए अगस्त के तीसरे सप्ताह तक का वक्त।
-अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, स्थान परिवर्तन और विधानसभा मंडप के भीतर ऊपरी हिस्से की सीटें खाली कराने जैसे विकल्प।

By: Mahendra Pratap

Published: 29 Jun 2020, 12:00 PM IST

लखनऊ. कोरोना काल में विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारियां चल रहीं हैं। नियमानुसार विधानमंडल का मानसून सत्र अगस्त के तीसरे सप्ताह तक बुलाया जाना चाहिए। पर सोशल डिस्टेंसिंग एक बड़ा सवाल है। अगस्त में मॉनसून सत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाया जाए या कोई और उपाय किया जाए इस पर विचार चल रहा है। अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही करना है।

यूपी विधानसभा में 403 सदस्य हैं, सदन के अंदर सिर्फ इतनी ही सीटें उपलब्ध हैं। जिस वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का मामला यह फेल नजर आता है। अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, स्थान परिवर्तन और विधानसभा मंडप के भीतर ऊपरी हिस्से की सीटें खाली कराने जैसे विकल्पों बाकी रह जाते हैं, जिन पर तेजी से मंथन हो रहा है।

यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि मानसून सत्र की बैठक बुलाने के लिए अगस्त के तीसरे सप्ताह तक का वक्त है। उम्मीद की जा रही है कि तब तब हालात कुछ सुधर जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें विकल्पों के लिए तैयार रहना चाहिए। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एक विकल्प हो सकता है। परंतु विधानसभा के 403 सदस्यों की बड़ी संख्या के लिए व्यवस्था करना आसान नहीं होगा। इसमें अनेक तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं।

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने दूसरे विकल्पों को सुझााते हुए कहाकि लोकभवन भी इसमें एक स्थान हो सकता है। वहां काफी बड़ा स्थान है। इसके अलावा विधानभवन के मंडप में ही ऊपर की सीटों को खाली कराकर सदस्यों को बैठाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है परंतु अभी पर्याप्त समय है। हम अन्य राज्यों के विधानमंडलों पर भी नजर रखे हुए है। दीक्षित का कहना है कि यह तय है कि मानसून सत्र में सदन की तस्वीर बदली होगी।

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