यूपी उपचुनाव में ब्राह्मण कार्ड : टी-20 के जरिए चुनावी मैच जीतेगी कांग्रेस

- ब्राह्मणों को लुभाने के लिए कांग्रेस की 'ब्राह्मण लीगल फोर्स'

By: Mahendra Pratap

Published: 23 Oct 2020, 12:17 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. यूपी की राजनीति में ब्राह्मण हमेशा से ही प्रभावी रहे हैं। लेकिन, हाल के दिनों यूपी की राजनीति पूरी तरह से ब्राह्मण केंद्रित हो गयी है। उप्र की सात विधानसभा सीटों के लिए हो रहे उपचुनावों में प्रदेश की करीब 12 प्रतिशत ब्राह्मण आबादी को लुभाने के लिए हर पार्टी कांग्रेस ब्राह्मण कार्ड खेलने की तैयारी में है। कुशीनगर में सभी प्रमुख पार्टियों ने ब्राह्मणों में सिर्फ त्रिपाठी को ही टिकट दिया है तो इससे एक कदम और आगे बढ़कर कांग्रेस ने चुनावी मैच को जीतने के लिए टी-20 की तर्ज पर अपनी टी-20 टीम उतार दी है। यह टीम हर जिले में ब्राह्माणों को जोड़ने के लिए ब्राह्मण लीगल फोर्स के नाम से काम करेगी।

कांग्रेस में पूर्व सांसद जितिन प्रसाद ब्राह्मण नेता के रूप में उभरे हैं। पार्टी ने इन्हें ब्राह्मणों को कांग्रेस के पाले में लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। जितिन प्रसाद ने इसके लिए ब्राह्मणों कानूनी और सामाजिक मदद के लिए ब्राह्मण लीगल फोर्स के गठन की घोषणा की है। इस फोर्स में हर जिले से 20 कार्यकर्ताओं की शामिल किया जा रहा है।

मार्गदर्शक दल में पूर्व नौकरशाह :- ब्राह्मण लीगल फोर्स की टीमों की सहायता के लिए पूर्व नौकरशाहों, वकीलों और समाजसेवी संगठनों का एक मार्गदर्शक मंडल भी बनाया जाएगा। जितिन प्रसाद की ब्राह्मण चेतना परिषद भी इस फोर्स का हिस्सा होगी। कांग्रेस की ब्राह्मण लीगल फोर्स ब्राह्मणों के बीच विश्वास कायम करने और ब्राह्मणों के खिलाफ लगातार आपराधिक घटनाओं में कानूनी मदद के साथ साथ उनको सामाजिक मदद भी देगी। यह पीड़ित परिवारों का मुकदमा भी लड़ेगी। फिलहाल, ब्राह्मण चेतना परिषद के अध्यक्ष रिटार्यड आईएएस वीपी मिश्रा हैं। 25 जिलों में इसके जिलाध्यक्ष घोषित किए जा चुके हैं। अधिकतर जिलाध्यक्ष युवा हैं और वे पीड़ित ब्राह्मणों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। जितिन ने 5 जून को ब्राह्मणों के लिए इस संगठन की की शुरुआत की थी।

क्या कहते हैं जितिन प्रसाद :- प्रदेश के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद का कहना है कि ब्राह्मण चेतना परिषद के तहत काम करने वाली ब्राह्मण लीगल फोर्स ब्राह्मणों के ऊपर हो रहे अत्याचार से लड़ने के लिए काम करेगी। इसकी एडवाइजरी कमेटी में मार्गदर्शक मंडल होंगे। इसमें रिटायर्ड आईएएस, आईपीएस होंगे। इसका गठन पूरे प्रदेश में किया जाएगा। फोर्स पीड़ित परिवारों की मदद करेगी और इनकी आवाज को बुलंद करेगी।

यूपी में ऐसे गरमायी ब्राह्मण पॉलिटिक्स:- जुलाई माह में कानपुर के कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एन्काउंटर के बाद तमाम ब्राह्मण संगठनों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद से यूपी में ब्राह्मण बनाम ठाकुर की राजनीति के समीकरण तैयार होने लगे। इसके बाद निषाद पार्टी से विधायक विजय मिश्रा ने भी अपने एन्काउंटर का डर बताते हुए ब्राह्मण उत्पीड़न की बात उठायी। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी कहते हैं कि प्रदेश में बीते 2 साल में 500 से अधिक ब्राह्मणों की हत्याएं हुई हैं।

सभी दल लगे ब्राह्मणों को लुभाने में :- उपचुनावों में सभी दल ब्राह्मणों को लुभाने में लगे हैं। कांग्रेस में जितिन प्रसाद, समाजवादी पार्टी में अभिषेक मिश्रा और मनोज पांडे ब्राह्मणों के मुद्दे उठा रहे हैं। बीएसपी में मायावती अक्सर ब्राह़मण उत्पीडऩ पर बयान देती रहती हैं। बसपा ने सोशल इंजीनियरिंग की तर्ज पर फिर से ब्राह्मणों को जोड़ने के लिए सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में ब्राह्मण मिशन शुरू कर दिया है।

दिलचस्प मुकाबला देवरिया में :- देवरिया में होने वाले उपचुनाव के लिए चारों प्रमुख दलों ने ब्राह्मण कैंडिडेट को टिकट दिया है। सबका उपनाम (सर नेम) त्रिपाठी ही है।

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