एमएसपी खत्म होने से 86 फीसद किसानों की टूट जाएगी कमर : अजय कुमार लल्लू

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मौजूदा पारित तीनों कृषि कानून आम किसानों को समूल नष्ट कर देने वाले कानून है।

By: Mahendra Pratap

Published: 19 Sep 2020, 05:17 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मौजूदा पारित तीनों कृषि कानून आम किसानों को समूल नष्ट कर देने वाले कानून है। तीनों कानून प्रदेश के लाखों मझोले और सीमांत किसान के ऊपर भारी पड़ेंगे और उनकी समूची खेती-किसानी कर्ज में फँस के बिक जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि आवश्यक वस्तुओं की सूची से अनाज, फल और सब्जी को हटा लेने से जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा, कीमतों में अस्थिरता रहेगी जिसका खामियाजा देश की बेहाल, परेशान जानता को भुगतना पड़ेगा।

मोदी सरकार ने तीन कृषि सम्बंधित विधेयक कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य विधेयक, मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवाओं पर किसान समझौता और आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक को लोकसभा में पारित किया गया। अजय कुमार लल्लू ने मांग की कि, एक देश एक समर्थन मूल्य के तहत प्रदेश में सारी फसलों, फल, अनाज, सब्जी आदि चीजों की पूरे देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने चाहिए। भाजपा की मोदी सरकार देश की खेती-किसानी को कॉर्पोरेट के हवाले करने का कुचक्र रच रही है। न्यूनतम समर्थन के खत्म होने से प्रदेश के अधिकांश किसान (लगभग 86 फीसद) बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएंगे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार चाहती है कि कृषि क्षेत्र कॉर्पोरेट कंपनियों के फायदे के लिए खुले, जिससे हमारे मझोले और सीमांत किसान बर्बाद हो जाएंगे। बड़ी कंपनियों के कुचक्र में फंस के किसान बंधुआ मजदूर बन कर रह जाएगा। प्रदेश का बदहाल किसान पहले ही कर्ज के कुचक्र में फंस कर आत्महत्या कर रहा है ऐसे में यह तीन कानून उसकी ताबूत में कील साबित होंगे।

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