यूपी में बिजली बिल बढ़ाने की तैयारी, पावर कार्पोरेशन कर सकता है दो स्लैब

चार स्लैब को घटाकर दो स्लैब करने की रणनीति
पावर कार्पोरेशन इस महीने के अंत तक कर सकता प्रस्ताव दाखिल
अगस्त में हो सकेंगी नई दरों का एलान

By: Mahendra Pratap

Published: 26 Jun 2020, 10:57 AM IST

लखनऊ. कोरोना काल में विद्युत उपभोक्ताओं की जेब पर शीघ्र ही एक भारी चोट लगने वाली है। बिजली की दरें तो बढ़ाने की तैयारियां है ही, चार स्लैब को घटाकर दो स्लैब कर लॉकडाउन में हुए घाटे को पूरा कर चतुराई से अपना खजाना भी भरने की रणनीति बनाई जा रही है। पलायन के डर की वजह से उद्योगों को छोड़कर ग्रामीण उपभोक्ता, किसान पर भी इस नए प्रस्ताव का बोझ पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक पावर कार्पोरेशन इस महीने के अंत तक इन दो विकल्पों के साथ प्रस्ताव दाखिल कर सकता है। जिससे अगस्त में नई दरों का एलान हो सके।

पावर कार्पोरेशन अब घरेलू उपभोक्ताओं के मौजूदा चार स्लैब को सरलीकरण के नाम पर दो स्लैब में बदलने की तैयारी कर रही है। एक स्लैब 200 यूनिट तथा दूसरे में 200 यूनिट से ज्यादा खपत का बनाने का प्रस्ताव है। इस पर गंभीरतापूर्वक विचार चल रहा है। इसके अलावा वर्ष 2020-21 के लिए दरों में पांच से आठ फीसदी की वृद्धि भी संभावित है। पावर कार्पोरेशन जल्द ही राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्ताव दाखिल करेगा।

घाटे ने बनाई विकल्प की राह :- कोरोनाकाल के बीते तीन माह में बिजली कंपनियों का करीब 35000 करोड़ रुपए बकाया हो गया है। जानकारी के अनुसार लगभग 10 लाख बिजली उपभोक्ताओं ऐसे हैं जिन पर एक लाख रुपए से ज्यादा बकाया है। इस वजह से पावर कॉर्पोरेशन इन दोनोंं विकल्पों पर विचार कर रहा है।

गांव में बढ़ सकते हैं उद्योगों को नहीं छूएंगे :- सूत्रों के अनुसार पावर कॉर्पोरेशन गांवों में भी बिजली की दरें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। उसका तर्क है कि गांवों में बिजली पूरी दी जा रही है पर राजस्व पूरा नहीं मिल पा रहा है, जिससे पावर कॉर्पोरेशन को घाटा हो रहा है। पर उद्योगों का बिजली बिल बढ़ाने से पावर कॉर्पोरेशन दूर भाग रहा है। अधिकारियों का कहना है कि महामारी की मार झेल रहे उद्योगों के लिए बिजली दरें बढ़ाने से प्रदेश से उद्योगों के पलायन का खतरा पैदा हो सकता है। सरकार भी इसके लिए तैयार नहीं है।

प्रस्ताव जमा करने के लिए चार दिन बाकी :- विद्युत अधिनियम 2003 के अनुसार बिजली कंपनियों को हर साल नवंबर में अगले वित्तीय वर्ष का वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व टैरिफ प्रस्ताव जमा करा देना चाहिए अभी तक ऐसा नहीं किया जा सका है। नियामक आयोग ने इस बार कंपनियों को ऑनलाइन प्रस्ताव दाखिल करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक जून माह के अंत तक प्रस्ताव दाखिल किया जा सकता है।

जानिए मौजूदा स्लैब

स्लैब दर (रुपए प्रति यूनिट)
0-150 यूनिट 5.50
151-300 यूनिट 6.00
301-500 यूनिट 6.50
500 यूनिट से ऊपर 7.00

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