मानसून सत्र में यूपी विधानसभा में माननीयों की रहेगी आधी उपस्थिति वर्चुअल

सदन की अनुमति के बिना योगी सरकार के अटके 10 बिल, नहीं मिली मंजूरी तो हो जाएंगे रद्द

By: Mahendra Pratap

Published: 29 Jun 2020, 06:50 PM IST

लखनऊ. कोरोना काल में विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारियां चल रहीं हैं। नियमानुसार विधानमंडल का मानसून सत्र अगस्त के तीसरे सप्ताह तक बुलाया जाना चाहिए। पर सोशल डिस्टेंसिंग एक बड़ा सवाल है। अगस्त में मॉनसून सत्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बुलाया जाए या कोई और उपाय किया जाए इस पर विचार चल रहा है। अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही करना है। मानसून सत्र में बढ़े खर्चे का बजटीय प्रावधान कराने के लिए अनुपूरक बजट तो पास कराया जाएगा। साथ ही करीब 10 विधेयक भी पास कराए जाएंगे। अगर इन बिल को सदन की अनुमति नहीं मिली तो यह सभी रद हो जाएंगे।

यूपी विधानसभा में 403 सदस्य हैं, सदन के अंदर सिर्फ इतनी ही सीटें उपलब्ध हैं। जिस वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का मामला यहां फेल नजर आता है। अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, स्थान परिवर्तन और विधानसभा मंडप के भीतर ऊपरी हिस्से की सीटें खाली कराने जैसे विकल्पों बाकी रह जाते हैं, जिन पर तेजी से मंथन हो रहा है।

नेता सदन व संसदीय कार्यमंत्री के बीच बढ़ेगी दूरी :- यूपी विधानसभा के इतिहास में ऐसा नजारा शायद पहली बार देखने को मिले कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के लिए एक-एक सीट छोड़ कर विधायक बैठेंगे। इस तरह करीब 200 सदस्य ही सदन में बैठ पाएंगे। सत्ता पक्ष व विपक्ष के नए सदस्यों को दर्शक दीर्घा में बिठाने की योजना बनाई जा सकती है। सदन में नेता सदन व संसदीय कार्यमंत्री पास—पास बैठते हैं पर इस सत्र में उनके बीच एक सीट की दूरी रहेगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एक विकल्प :- यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि मानसून सत्र की बैठक बुलाने के लिए अगस्त के तीसरे सप्ताह तक का वक्त है। उम्मीद की जा रही है कि तब तब हालात कुछ सुधर जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें विकल्पों के लिए तैयार रहना चाहिए। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का एक विकल्प हो सकता है। परंतु विधानसभा के 403 सदस्यों की बड़ी संख्या के लिए व्यवस्था करना आसान नहीं होगा। इसमें अनेक तकनीकी दिक्कतें भी आ सकती हैं।

हाइब्रिड सेशन से इनकार :- विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने दूसरे विकल्पों को सुझााते हुए कहाकि लोकभवन भी इसमें एक स्थान हो सकता है। वहां काफी बड़ा स्थान है। इसके अलावा विधानभवन के मंडप में ही ऊपर की सीटों को खाली कराकर सदस्यों को बैठाने की संभावना पर विचार किया जा सकता है परंतु अभी पर्याप्त समय है। हम अन्य राज्यों के विधानमंडलों पर भी नजर रखे हुए है। दीक्षित का कहना है कि यह तय है कि मानसून सत्र में सदन की तस्वीर बदली होगी। क्या आगामी सत्र ब्रिटिश संसद 'हाइब्रिड सेशन' की तरह भी हो सकता है तो विधानसभा अध्यक्ष ने इससे इनकार कर दिया और कहा कि ऐसा कोई विचार नहीं है।

विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री लेंगे निर्णय :- उत्तर प्रदेश विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे ने बताया कि विधानसभा के आगामी सत्र में सदन के अंदर व बाहर पूरी तरह कोविड 19 रोकने के लिए प्रोटोकाल का पालन कराया जाएगा। सदन में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत माननीय सदस्य बैठाए जाएंगे। नई परिस्थितियों में सीटिंग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष व नेता सदन (मुख्यमंत्री) निर्णय लेंगे।

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