यूपी की नयी लेडी डॉन गीता तिवारी, जानिए कहां चलता है इनका राज

-जिस पर लूट और डकैती के दर्ज हैं आठ मामले
-गोरखपुर पुलिस फिर से फाइल खोलने की तैयारी में
-शेल्टर होम में पली-बढ़ी, फिर जरायम की दुनिया में मुड़ गए कदम

By: Mahendra Pratap

Published: 12 Jan 2021, 06:04 PM IST

लखनऊ. यूपी में गैंगस्टर और डॉन हमेशा से चर्चा में रहे हैं। पर ऐसा बहुत कम सुनने में आया है कि कोई महिला, डॉन हो। आजकल गोरखपुर की एक महिला डान गीता तिवारी का नाम सुर्खियों में है। इस वक्त वह देवरिया जेल में बंद है। लेडी डॉन पर लूटपाट, ड्रग्स कारोबार और हत्या की कोशिश का आरोप है। गीता पर गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त गीता तिवारी 8 अलग-अलग केसों में नामजद हैं। इनमें अधिकतर लूट औऱ डकैती के मामले हैं।

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गोरखपुर की गलियां, गैंगवार की रही हैं गवाह :- गोरखपुर जनपद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है। यह शहर अपने गैंगवार को लेकर अक्सर चर्चा में रहा है। गोरखपुर की गलियां कभी हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र शाही के गैंगवार की गवाह रही हैं। फिर 90 के दशक में श्रीप्रकाश शुक्ला का नाम अंडरवर्ल्ड में उभरा। आजकल अपराध जगत में गीता तिवारी को पूर्वांचल की पहली लेडी डॉन के रूप में देखा जा रहा है।

फाइल फिर से खोलने की तैयारी :- गोरखपुर पुलिस ने लेडी डॉन गीता तिवारी (40 वर्ष) की फाइल फिर से खोलने की तैयारी कर ली है। यह डॉन नवंबर माह से देवरिया जेल में बंद है। कोतवाली सीओ वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि, गीता तिवारी का नाम ड्रग पेडलिंग से भी जुड़ा हुआ है। गोरखपुर जेल में साथी कैदियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायत पर उसे देवरिया जेल में शिफ्ट किया गया था।

तत्कालीन डीएम ने कराई थी शादी :- बताया जाता है कि गीता तिवारी शेल्टर होम में पली बढ़ी है। जब वह बड़ी हुई तो एक सोशल एक्टिविस्ट शिवकुमार तिवारी से साल 2009 में शादी हुई। यह शादी तत्कालीन जिलाधिकारी ने कराई थी। शिवकुमार तिवारी हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता भी थे। कुछ समय बाद तिवारी दम्पति को एक बेटी हुई। गीता तिवारी ने ऑर्केस्ट्रा की शुरुआत की। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ गई। पति शिव कुमार ने स्मैक की तस्करी शुरू कर दी। इस जानकारी के बाद शिवकुमार को हिंदू युवा वाहिनी से निकल दिया गया।

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जेल जाने के बाद खत्म हुआ डर :- करीब 10 साल पहले पुलिस ने उनके घर में छापेमारी की थी। उस वक्त पहली बार गीता तिवारी जेल गई थी। साल 2016 में शिवकुमार की मौत के बाद गीता तिवारी ने अपने पति के सारे कथित व्यापार को चलाना शुरू कर दिया। उसके बाद गीता का डर पूरी तरह से खत्म हो गया। और वह जिले के अपराधियों से मिलने जुलने लगी। कई दूसरी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने लगी। पुलिस ने गीता के ऊपर गैंगस्टर ऐक्ट लगा दिया। जेल में इसका आना जाना शुरू हो गया। 20 अक्टूबर 2020 को जमानत पर वह जेल से बाहर आई थी।

नातिन के बर्थडे में जमकर फायरिंग :- जेल से छूटने के बाद लेडी डान ने अपनी नातिन का बर्थडे मनाया और एक पार्टी का आयोजन किया। इस पार्टी में जमकर फायरिंग हुई। गोली लगने से दो शख्स गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने डान को गिरफ्तार कर गोरखपुर जेल भेज दिया। यहां भी लेडी डान अपनी हरकतों से बाज नहीं और गुटबाजी और बुरे बर्ताव की वजह से पुलिस उसे देवरिया जेल में शिफ्ट कर दिया।

Mahendra Pratap
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