लखनऊ में जाम लगा तो पहुंचेंगे ट्रैफिक मार्शल, बच्चों की पढ़ाई में शोर से बाधा पहुंची तो पहुंचेंगी पुलिस

राजधानी की तस्वीर बदलने में जुटी योगी सरकार

ट्रैफिक जाम लगा तो उसको हटाने के लिए ट्रैफिक मार्शल आ जाएंगे, और जाम से तुरंत निजात दिलावाने में मदद करेंगे।

छ़ात्रों की पढ़ाई में बाधा ने पड़े यूपी पुलिस की पहल, श्श्श्श्... बच्चे पढ़ रहे हैं, समाधान के लिए करें 112 नंबर डायल

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लखनऊ पुलिस दोनों मिलकर अहमदाबाद की तर्ज पर राजधानी की तस्वीर बदलने में जुटे हैं। कमिशनेट लागू हो जाने के बाद से लखनऊ की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नई योजना लाई जा रही है। अब अगर लखनऊ शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम लगा तो उसको हटाने के लिए ट्रैफिक मार्शल आ जाएंगे, और जाम से तुरंत निजात दिलावाने में मदद करेंगे। दूसरी ओर यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आइसीएससी छात्र-छात्राओं के लिए लखनऊ पुलिस दोस्त बन कर काम करेगी। पढ़ाई में शोर से होने वाली बाधा आने पर 112 नंबर डायल करने पर तुरंत पहुंच कर मदद करेगी।

लखनऊ शहर ट्रैफिक जाम का शहर बन गया है, तमाम प्रयासों के बाद भी लखनऊ कई स्थान हैं जहां जाम की स्थिति इतनी खराब है कि उससे पूरे शहर का ट्रैफिक प्रभावित होता है। ठीक एक माह लखनऊ में पहले पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू किया गया, उसके बाद से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू हो गई। जहां कई आत्याधुनिक उपकरण का प्रयोग किया जाएगा वहीं जवानों को अपडेट किया जाएगा। जाम से निजात के लिए ट्रैफिक पुलिस का एक विशेष दस्ता तैयार किया जा रहा है। जिसका नाम ट्रैफिक मार्शल रखा गया है। बाइक सवार दो ट्रैफिक मार्शल शहर के चक्कर लगाते रहेंगे और जैसे ही जाम की सूचना मिलेगी मौके पर पहुंचकर जाम से लखनऊ की जनता को निजात दिलाएंगे।

पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने कहा कि जाम से निजात के लिए ट्रैफिक पुलिस का एक विशेष दस्ता ट्रैफिक मार्शल तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त फरवरी माह के अंत तक शहर में 174 ट्रैफिक सिग्नल और 203 जगहों पर करीब 800 सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे। यातायात संचालन के साथ ही क्राइम कंट्रोल में भी कैमरे मददगार साबित होंगे। ट्रैफिक संभालने के लिए पुलिस बल की संख्या दोगुनी की गई है।

अन्य उपाय:-

25 पॉइंट पर 24 घंटे ड्यूटी
174 सिग्नल और 800 कैमरे लगेंगे
वाइब्रैंट ट्रैफिक सर्विलांस सिस्टम लागू
100 ब्रेथ एनालाइजर की खरीद
दो घंटे की ड्यूटी बाद एक घंटे का ब्रेक

..श्श्श्श्... बच्चे पढ़ रहे हैं :- 15 फरवरी से सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो गई है। यूपी बोर्ड, आइसीएससी छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं जल्द होने वाली है। बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। पर शोर से होने वाली बाधा से बैचेन हो जाते हैं। ऐसे वक्त यूपी पुलिस के कार्यवाहक मुखिया मदद को आगे आए 15 फरवरी से 31 मार्च तक ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया। परीक्षाएं दे रहे छात्र—छ़ात्राओं को 112 नंबर डायल करने एक हथियार मुहैया कराया। जैसे ही नम्बर डायल होगा पुलिस दोस्त की तरह मदद करेगी और उस शोरगुल को बंद कराएगी।

एडीजी यूपी 112 असीम अरुण ने बताया कि यदि पढ़ाई में कहीं तेज आवाज में लाउड स्पीकर बजता है अथवा तेज आवाज से दिक्कत होती है तो विद्यार्थी 112 नंबर पर कॉल सीधे पुलिस से मदद मांग सकते हैं। विद्याथी अब सोशल मीडिया के माध्यमों से भी पुलिस की मदद मांग सकते हैं। ऐसी कॉल आने पर पुलिस शिकायत दर्ज कर पीआरवी को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा। शोर को दूर कराने कार्रवाई सुनिश्चित है।

यूपी 112 पर ध्वनि प्रदूषण को लेकर आने सबसे अधिक शिकायतें फरवरी व मार्च माह में ही आती हैं। वर्ष 2019 में फरवरी (2,790) और मार्च (2,445) में ध्वनि प्रदूषण को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें आई थीं। ज्यादातर शिकायतें बच्चों की तरफ से थीं। इसके अलावा लखनऊवासियों के अलर्ट करने के लिए एक विज्ञापन 15 फरवरी के दिया गया, जिसका मौजू था...श्श्श्श्... बच्चे पढ़ रहे हैं। ध्वनि प्रदूषण कानून के तहत अगर उल्लघंन किया गया तो 5 वर्ष का कारावास या एक लाख रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों साथ-साथ भी चल सकते हैं।

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