बाहर से लौटे मजदूरों की वजह से गांवों में बढ़ेगा तनाव, पुरानी रंजिशें और अदावत से शुरू होंगे झगड़े, डीजीपी ने चेताया, अलर्ट रहे पुलिस

घर वापस लौट श्रमिकों और कामगारों ने दिनों पुलिस की नींद उड़ा दी है। एक बानगी देखिए। भदोही जिले के गांवों से पुलिस के पास जाना सैकड़ों मामले मारपीट और पुरानी रंजिश के आ रहे हैं।

By: Mahendra Pratap

Published: 28 May 2020, 12:40 PM IST

लखनऊ. घर वापस लौट श्रमिकों और कामगारों ने दिनों पुलिस की नींद उड़ा दी है। एक बानगी देखिए। भदोही जिले के गांवों से पुलिस के पास जाना सैकड़ों मामले मारपीट और पुरानी रंजिश के आ रहे हैं। जिनमें प्रतिदिन दिन 50 से 60 मुकदमे लिखे जा रहे हैं। गांवों में अचानक बढ़े मारपीट के मामलों की वजह से से पुलिस परेशान होने के साथ-साथ सतर्क हो गई है। यह सिर्फ एक जिले का ही मामला नहीं है। पूरे प्रदेश में इस तरह के मामलों में वृद्धि हुई है।

प्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन को 65 दिन बीत चुके हैं। यूपी सरकार के सहयोग और अपने साधनों से अब तक करीब 25 लाख मजदूरों व कामगारों ने अपने घर वापसी की है। भारी मात्रा में गांवों में आने वाले इन लोगों की वजह से गांव का माहौल गरमा गया है। पुरानी रजिशें, पुरानी अदावतें सब ताजा हो गईं हैं। इस वक्त हिसाब चुकता करने का सही वक्त है। करीब छह माह तक तो वापस अपने काम पर जाने की इन मजदूरों और कामगारों की इच्छा नहीं दिख रही है। कुछ लड़ाईयां जो नौकरी और काम की मजबूरी की वजह से टल गई थी अब वह हो सकता है कि गंभीर रुप धारण कर लें। कुछ मामले ऐसे भी हो सकते है कि बाहर जाने की वजह से उनकी जमीन और जायजाद पर किसी ने कब्जा कर लिया हो, और अब उनके लौटने पर यह मामला गरमा सकता है। प्रदेश के 75 जिलों और करीब सत्तर हजार गांवों में ऐसे मामलों से बचने के प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने एक सर्कुलर जारी किया है।

डीजीपी यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने जोन, रेंज, जिले व लखनऊ और नोएडा में तैनात अधिकारियों को कोविड-19 के कारण लौटने वाले प्रवासियों से संबंधित पुराने विवादों को लेकर सतर्क किया है। डीजीपी ने गांव, मोहल्ले में संपत्ति, पुरानी रंजिशें, पार्टीबंदी, गुटबंदी, राजनीतिक जाति व संप्रदायिक विवादों के चिह्नीकरण के निर्देश दिए है। उन्होंने सर्कुलर जारी कर कहा कि बीट आरक्षी नियमित रूप से ग्राम, मोहल्ले का भ्रमण कर विवाद घटनाओं की जानकारी हासिल कर अधिक से अधिक सूचनाएं एकत्र करें। जहां भी विवाद हो वहां संबंधित पक्षों को भारी राशि से पाबंद किया जाए और आईपीसी की धारा 151, 107, 116, 116-3, 117 के तहत कार्रवाई की जाए।

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