उत्तर प्रदेश बजट 2020 : योगी सरकार का चौथा बजट कल, ईज ऑफ लिविंग के जरिए जनता के चेहरे पर लाएंगे मुसकराहट

उत्तर प्रदेश बजट 2020 मंगलवार को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह चौथा बजट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू हुआ ईज ऑफ लिविंग इस बार के केंद्रीय बजट के फोकस में थी, अब ईज ऑफ लिविंग सीएम योगी के जरिए उत्तर प्रदेश के बजट में भी दिखाई देगा।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश बजट 2020 मंगलवार को पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह चौथा बजट है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू हुआ ईज ऑफ लिविंग इस बार के केंद्रीय बजट के फोकस में थी, अब ईज ऑफ लिविंग सीएम योगी के जरिए उत्तर प्रदेश के बजट में भी दिखाई देगा। ईज ऑफ लिविंग का मतलब हुआ कि प्रदेश की जनता की जिंदगी को आसान बनाना। पांच एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए 75 हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी, इसलिए यह संभावना बलवती है कि बजट में इस मद में काफी धनराशि आवंटित की जाएगी।

देश की जनता के स्तर को सुधारने के लिए ईज ऑफ़ लिविंग इंडेक्स की शुरुआत जून 2017 में की गई, इसका उद्देश्य शहरों में निवास की स्थिति का अध्ययन करना है। इस सूचकांक में स्मार्ट सिटी के दावेदार 111 शहर, राज्यों की राजधानियों तथा करीब 10 लाख जनसंख्या वाले शहर शामिल हैं। इसमें शहरों को 4 पैमाने पर आंका गया है, इन चार पैमाने को आगे 15 श्रेणियों में बांटा गया है। यह चार पैमाने प्रशासन, सामाजिक (शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा), आर्थिक (अर्थव्यवस्था व रोज़गार) तथा भौतिक कारक (ठोस कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति, परिवहन, प्रदूषण, उर्जा इत्यादि) हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्ष 2020 के बजट में क्वालिटी ऑफ लाइफ को बढ़ने के लिए शिक्षा, हेल्थ, आवास, पानी की सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, सेफ्टी, मनोरंजन और ग्रीन स्पेस वाले क्षेत्रों में अधिक सुविधा देने की व्यवस्था करेंगे। इसके लिए इस बार सीएम बेहद गंभीर हैं। मुख्यमंत्री का कहना कि आम लोगों को होने वाली कठिनाई दूर करने के लिए ईज ऑफ लिविंग पर प्राथमिकता से काम होगा। मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए इंटर्नशिप स्कीम का एलान किया है। लखनऊ के उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय को भाषा विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने का फैसला हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस विश्वविद्यालय में पाली, संस्कृत, फ्रेंच, जर्मन व अन्य विदेशी भाषाओं के पठन-पाठन की व्यवस्था का निर्देश दिया है।

इंटर्नशिप स्कीम शुरू करेंगे उद्योग :- इसी तरह सभी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (पीएसयू) व प्रत्येक उद्योग में अनिवार्य रूप से इंटर्नशिप स्कीम लागू की जाएगी।

ट्रिपल-टी फार्मूला :- निर्यात प्रोत्साहन के लिए प्रत्येक जिले व राज्य स्तर पर निर्यात प्रोत्साहन हब बनेगा। इसके लिए ट्रिपल-टी (ट्रेड, टेक्नालोजी व टूरिज्म) फार्मूले पर काम होगा। प्रदेश में घाटे में चल रही मंडियों को भी पीपीपी मॉडल पर चलाना एजेंडे में शामिल है।

पीपीपी पर बनेंगे 18 जिलों में मेडिकल कालेज :- पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कालेज की स्थापना में अच्छा काम करने वाले राज्य की व्यवस्था का अध्ययन किया जाएगा। इन सभी जिलों में डेढ़ वर्ष में मेडिकल कालेज शुरू कराने का लक्ष्य है। इन मेडिकल कालेजों में आयुष्मान व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसी तरह प्रदेश के 100 विकास खंड महत्वाकांक्षी विकासखंड के रूप में विकसित होंगे।

पूरी संभावना है कि उत्तर प्रदेश बजट 2020-21 अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा, इसका आकार 5 लाख करोड़ रुपए हो सकता है।

Mahendra Pratap Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned