उत्तर प्रदेश बना देश का पहला राज्य जहां नागरिकता संशोधन कानून की प्रक्रिया हुई शुरू

नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए अल्पसंख्यकों की पहचान के निर्देश

By: Mahendra Pratap

Published: 06 Jan 2020, 11:08 AM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जहां पर नागरिकता संशोधन कानून की प्रक्रिया सबसे पहले शुरू की गई है। नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए अल्पसंख्यकों की पहचान के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर सरकार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को प्रवासियों की सूची बनाने का काम शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस कवायद में उनकी भी पहचान होगी जो राज्य में अवैध रूप से रह रहे हैं।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया कि, 'सभी डीएम को यह निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों देशों से यहां आकर दशकों से रह रहे लोगों की शिनाख्त करें। हालांकि अफगानिस्तान से उत्तर प्रदेश में आए लोगों की संख्या बेहद कम है, लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान में प्रताड़ित होने के बाद बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक दशकों से यूपी में रह रहे हैं।'

अवस्थी ने बताया कि नागरिकता कानून को लागू करने की दिशा में देश में किसी भी प्रदेश का यह पहला कदम है। इसका उद्देश्य यही है कि जो भी अल्पसंख्यक इन देशों से आए हैं और जो पात्र हैं, उनकी नागरिकता सुनिश्चित की जाए। बांग्लादेश और पाकिस्तान के ज्यादातर लोग लखनऊ, हापुड़, रामपुर, शाहजहांपुर, नोएडा और गाजियाबाद में पाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि इन देशों से आए मुस्लिम आबादी की सूचना राज्य सरकार की तरफ से गृह मंत्रालय को दी जाएगी। उसके बाद उन्हें उनके देश भेजने की तैयारी शुरू होगी। हालांकि इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है।

नागरिकता कानून का उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से विरोध हुआ है और हिंसक प्रदर्शन में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम की आड़ में भारत में रह रहे मुस्लिमों को निशाना बनाया जा रहा है।

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